तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन द्वारा पूर्व DMK सरकार पर लगाए गए रिश्वत के आरोप से राज्य में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। विपक्षी दलों ने मामले की तत्काल जांच की मांग की है।
सी जोसेफ विजय को एक ज्योतिषी को सलाहकार नियुक्त करने के बाद शुरुआती राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा, जबकि विश्वास मत से पहले गठबंधन में तनाव और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के भीतर बगावत तेज हो गई।
सी. जोसेफ विजय 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। TVK को VCK, IUML, कांग्रेस और वामपंथी दलों का समर्थन मिलने के बाद बहुमत हासिल हो गया है।
एम. ए. बेबी ने दावा किया कि DMK चाहती थी कि वामपंथी दल AIADMK नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करें, लेकिन वाम दलों ने इसके बजाय सी. जोसेफ विजय और TVK का समर्थन करने का फैसला किया।
सी. जोसेफ विजय वामपंथी दलों का समर्थन हासिल करने के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन के और करीब पहुंच गए हैं, हालांकि बहुमत के आंकड़े को लेकर अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।
तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने DMK-AIADMK गठबंधन की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि वह सी. जोसेफ विजय को बिना किसी हस्तक्षेप के नई सरकार चलाने के लिए छह महीने का समय देंगे।
विजय की ऐतिहासिक चुनावी शुरुआत ने तमिलनाडु की राजनीति की दिशा बदल दी, जबकि उनकी ₹624 करोड़ की संपत्ति और सरकार गठन की चुनौती अब सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
विजय की TVK तमिलनाडु में तेजी से आगे बढ़ी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत से थोड़ा पीछे रहने की स्थिति उन्हें अभिनेता से नेता बने इस चेहरे को जटिल गठबंधन वार्ताओं की ओर धकेल सकती है।