सुप्रीम कोर्ट ने पूरे भारत में जुलाई में हुए CJP प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द कर दिया। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को आपराधिक मामले वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि बिहार और असम ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए हैं और दावा किया कि अन्य राज्य भी जल्द ऐसा कर सकते हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर कानूनी कार्रवाई जारी रही तो वह फिर से प्रदर्शन करेगी।
दिल्ली पुलिस CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रही है, वहीं पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर FIR वापस नहीं ली गईं तो वह फिर से प्रदर्शन करेगी।
सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों और पेपर लीक मामलों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
करीब 50,000 प्रदर्शनकारियों ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मध्य दिल्ली में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।