सुप्रीम कोर्ट ने पूरे भारत में जुलाई में हुए CJP प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द कर दिया। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को आपराधिक मामले वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की मांग पर फैसला लेने के लिए और समय मांगा है। इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों और पेपर लीक मामलों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने निजी तौर पर उनसे “इस सरकार को हटा दीजिए” कहने का आग्रह किया। यह बयान उस समय आया है जब विपक्ष ने NEET पेपर लीक और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के एक और दिन में प्रवेश करने के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का सिलसिला जारी रहा। इस बीच पेपर लीक मामले को लेकर नई राजनीतिक मांगें और सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के दावे सामने आए हैं।
करीब 50,000 प्रदर्शनकारियों ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मध्य दिल्ली में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।
दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर हंगामा हो गया, जहां प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग और हिरासत में लेने के आरोप लगाए।