केंद्र सरकार इस सप्ताह संसद में चार महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाएगी, जबकि विपक्ष कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले और दिल्ली छात्र हिंसा पर अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
संसद का मानसून सत्र एक नए राजनीतिक टकराव के साथ फिर शुरू होने जा रहा है। विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर अमित शाह को निशाना बना रहा है, जबकि केंद्र सरकार पेपर लीक के खिलाफ एक और कड़ा कानून पेश करने की तैयारी कर रही है।
सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों और पेपर लीक मामलों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के एक और दिन में प्रवेश करने के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का सिलसिला जारी रहा। इस बीच पेपर लीक मामले को लेकर नई राजनीतिक मांगें और सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के दावे सामने आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर खड़गे की “आतंकवादी” टिप्पणी से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जिसके बाद उन्होंने सफाई दी और भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक के विफल होने के बाद विपक्ष पर सरकार के महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयास को नष्ट करने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को नियुक्त किया है, जिससे पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों के संकेत मिल रहे हैं।