बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पिछले वर्ष के बड़े प्रदर्शनों के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और अन्य को मौत तथा जेल की सज़ाएं सुनाईं, जिसे हसीना ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।