लोकसभा में उस समय तीखी बहस छिड़ गई जब किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर संसद को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया। उन्होंने 2018 में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ हुई बहस में राहुल गांधी के ‘गले लगाने और आंख मारने’ वाले इशारे का भी जिक्र किया।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने से इनकार किया, लेकिन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना के बाद राहुल गांधी के निलंबन और अयोग्यता की मांग करते हुए एक सब्स्टेंटिव मोशन पेश किया।