संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने सैन्य अभियानों पर अस्थायी रोक लगाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। ताजा मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बावजूद इस कदम से कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीद जगी है।
अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित मसौदा समझौते में परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, जमी हुई संपत्तियों की रिहाई और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में शांति समझौता जल्द हस्ताक्षरित हो सकता है और इससे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ फिर से खुल जाएगा, जबकि ईरान ने संकेत दिया है कि वार्ता अभी कुछ और दिनों तक जारी रह सकती है।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।
ईरान ने कहा कि परमाणु वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच आईआरजीसी की सुरक्षा में 28 वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके लिए “घड़ी चल रही है”, क्योंकि रुकी हुई परमाणु वार्ताओं और क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि वार्ता विफल होती है, तो अमेरिका और अधिक कठोर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार ईरान अगले कुछ दिनों में अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर जवाब दे सकता है।
ईरान ने मोहम्मद बाकर गालिबाफ के अमेरिका के साथ संघर्षविराम वार्ता से हटने की खबरों को खारिज कर दिया है। देश ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए कहा कि आंतरिक मतभेद और नेतृत्व विवादों के दावों के बीच भी गालिबाफ अपनी भूमिका में बने हुए हैं।
बातचीत ठप पड़ने के बावजूद पाकिस्तान के अनुरोध पर डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम अनिश्चित काल तक बढ़ा दिया, जबकि अमेरिकी नाकेबंदी और असफल वार्ताओं को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।