ईरान ने मोहम्मद बाकर गालिबाफ के अमेरिका के साथ संघर्षविराम वार्ता से हटने की खबरों को खारिज कर दिया है। देश ने इन रिपोर्ट्स को गलत बताते हुए कहा कि आंतरिक मतभेद और नेतृत्व विवादों के दावों के बीच भी गालिबाफ अपनी भूमिका में बने हुए हैं।
अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, क्योंकि उसका तेल भंडारण लगभग अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है। इस स्थिति ने उसे पुराने तेल टैंकरों का दोबारा उपयोग करने के लिए मजबूर कर दिया है और जल्द ही उत्पादन में कटौती पर विचार करने की नौबत आ सकती है।
अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए ईरान के तेल निर्यात को रोककर उसे बातचीत के लिए मजबूर करना चाहता है, जबकि युद्धविराम जारी रहने के बावजूद तनाव बना हुआ है।
अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में 8% से अधिक की तेज बढ़ोतरी हुई, जिससे वैश्विक आपूर्ति में बाधा पड़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नौसैनिक नाकेबंदी का संकेत दिया, जिससे तनाव बढ़ गया है और युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता भी गहरी हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका “पहले ही जीत चुका है”, जबकि बातचीत जारी है और चीन के कथित समर्थन तथा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के अंतिम प्रयास के रूप में 45 दिनों के युद्धविराम की योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि स्थिति के और अधिक गंभीर होने से बचाया जा सके।