संसद का मानसून सत्र एक नए राजनीतिक टकराव के साथ फिर शुरू होने जा रहा है। विपक्ष छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर अमित शाह को निशाना बना रहा है, जबकि केंद्र सरकार पेपर लीक के खिलाफ एक और कड़ा कानून पेश करने की तैयारी कर रही है।
नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की मांग पर फैसला लेने के लिए और समय मांगा है। इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों और पेपर लीक मामलों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के एक और दिन में प्रवेश करने के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का सिलसिला जारी रहा। इस बीच पेपर लीक मामले को लेकर नई राजनीतिक मांगें और सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के दावे सामने आए हैं।