ईरान द्वारा उत्तरी इज़राइल पर मिसाइल हमले के बाद इज़राइल ने ईरान पर जवाबी सैन्य हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है तथा शांति प्रयासों के भविष्य को लेकर चिंताएँ गहरी हो गई हैं।
अमेरिका एक ऐसी योजना पर विचार कर रहा है जिसमें ईरान से जुड़ी संपत्तियों का उपयोग खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण में किया जा सकता है, जबकि जमी हुई धनराशि और जारी संघर्ष को लेकर बातचीत अब भी रुकी हुई है।
भारत और इंडोनेशिया ने नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय वार्ता की, जिसका उद्देश्य अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और क्षेत्रीय मामलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चल रहे संघर्ष के चौथे महीने में लड़ाई, कूटनीतिक गतिरोध और सैन्य तनाव के बीच ईरान अंततः शांति समझौते के लिए बातचीत करने को मजबूर होगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बीच संभावित मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान से लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने साथ ही हिजबुल्लाह से अपील की कि इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच वह टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ मतभेद की खबरों को कमतर बताते हुए कहा कि हाल ही में हुई तनावपूर्ण फोन बातचीत के बावजूद दोनों नेता महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकमत हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह भविष्य में ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से मिलना चाहेंगे और लेबनान में इज़राइल के सैन्य अभियानों को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई तीखी फोन बातचीत की भी पुष्टि की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप पड़ गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद बने रहने के बावजूद दोनों देशों के बीच चर्चा सक्रिय रूप से जारी है।
मार्को रुबियो ने एक बार फिर अमेरिकी दावे को दोहराया कि वॉशिंगटन ने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में मदद की थी, जबकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हासिल किया गया था।