अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के समर्थन वाला एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत सहित रूसी तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नई दिल्ली ने वॉशिंगटन पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।