संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हवाई हमले पूरे किए, जबकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए सैन्य हमले जारी रखे। वहीं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर गहराते संकट ने पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लागू किए जाने के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया से होने वाले तेल और गैस निर्यात में व्यवधान पैदा करने की चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले का आरोप लगाते हुए अमेरिका ने ईरान पर तीसरे दौर के सैन्य हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।
एक महत्वपूर्ण शांति समझौते के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी है। इसके साथ ही समुद्री मार्गों तक पहुंच फिर से बहाल हो गई है और यह व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना के एक गुप्त अभियान की मदद से 200 से अधिक वाणिज्यिक जहाज और 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल से अधिक तेल बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर सके।
अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इस कार्रवाई के बाद तेहरान ने और अधिक सख्त जवाब देने की धमकी दी, जिससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच संघर्ष के और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और बाद में क़ेश्म द्वीप तथा गोरुक में स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
बहरीन ने अपने और कुवैत पर किए गए ईरान के ताज़ा मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। बहरीन के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान द्वारा दागी गई सात मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।