संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर एक और दौर के हवाई हमले पूरे किए, जबकि दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए सैन्य हमले जारी रखे। वहीं, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर गहराते संकट ने पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा लागू किए जाने के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया से होने वाले तेल और गैस निर्यात में व्यवधान पैदा करने की चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा संकट और गहराने की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य सुरक्षा के बदले सहयोगी देशों से भुगतान करने की मांग की। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% सुरक्षा शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा, जबकि ईरान पर दबाव बनाए रखने की बात भी दोहराई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) का दौरा किया। यह दौरा ऐसे समय हुआ जब भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा, सुरक्षा और परमाणु सहयोग से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों के माध्यम से अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया।
ईरान ने कहा है कि वह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर सेवा शुल्क लागू करेगा और हालिया संघर्ष के दौरान तेहरान का समर्थन करने वाले देशों को विशेष सुविधाएं प्रदान करेगा।
संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने सैन्य अभियानों पर अस्थायी रोक लगाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। ताजा मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बावजूद इस कदम से कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीद जगी है।
अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा सैन्य संघर्षों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के माध्यम से वाणिज्यिक शिपिंग की बहाली को बाधित कर दिया है। इससे वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ बढ़ गई हैं, जबकि शांति स्थापित करने के प्रयास भी जारी हैं।
ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए पंजीकरण, परमिट और बीमा संबंधी नियम लागू किए हैं। साथ ही, अमेरिका के साथ हालिया समझौते के तहत पहले 60 दिनों के लिए सभी शुल्कों में छूट देने की घोषणा की है।
एक महत्वपूर्ण शांति समझौते के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा दी है। इसके साथ ही समुद्री मार्गों तक पहुंच फिर से बहाल हो गई है और यह व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 नेताओं से कहा कि स्थायी शांति केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।