फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना के बावजूद इज़राइल ने लेबनान पर अपने हमले जारी रखे। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा हाल ही में घोषित अमेरिका-ईरान समझौते के भविष्य को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई अपनी बैठक में आर्थिक, व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के कार्यान्वयन को चर्चा का प्रमुख केंद्र बनाया गया।
भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक उन्नत किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अनुसंधान, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
व्लादिमीर पुतिन ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रतिबंधों की धमकियां प्रभावी नहीं होंगी। उन्होंने रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत-रूस के बीच दशकों पुराने विश्वास-आधारित सहयोग और मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ठप पड़ गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद बने रहने के बावजूद दोनों देशों के बीच चर्चा सक्रिय रूप से जारी है।
मार्को रुबियो ने एक बार फिर अमेरिकी दावे को दोहराया कि वॉशिंगटन ने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में मदद की थी, जबकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हासिल किया गया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रक्षा, व्यापार तथा वैश्विक मुद्दों पर बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूरोपीय यात्रा के दौरान ओस्लो में नॉर्डिक पत्रकारों के साथ हुई तीखी बहस में सिबी जॉर्ज ने भारत के लोकतांत्रिक रिकॉर्ड का मजबूती से बचाव किया।