अमेरिकी विदेश विभाग ने बढ़ते ईरान-संबंधित तनाव के बीच अमेरिकियों से पश्चिम एशिया से “तुरंत प्रस्थान” करने को कहा है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण लंबे समय तक चलने वाले क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं गहरा गई हैं।
ईरान ने इज़राइली और अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं, जबकि संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए। इस बीच कतर ने ईरानी खतरों को रोक दिया और हिंसा कुवैत तथा लेबनान तक फैल गई।
इज़राइल ने ईरान के खिलाफ “प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक” करने की घोषणा की और ड्रोन व मिसाइल हमलों के संभावित जवाबी खतरे को देखते हुए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह आरोप लगाए जाने के बाद कि तेहरान ऐसे हथियार विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकते हैं, ईरान ने अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर अमेरिका के दावों को “बड़े झूठ” करार दिया।
ईरान में हजारों लोगों को एक रहस्यमय प्रो-ट्रंप फोन अलर्ट प्राप्त हुआ, जब युद्ध की आशंकाएँ बढ़ रही थीं, परमाणु वार्ता सामने थी और तेहरान ने चेतावनी दी थी कि किसी भी अमेरिकी हमले का “भीषण” जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता जारी रहने के बीच ईरान ने अपने संवर्धित यूरेनियम के निर्यात से इनकार कर दिया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में उसे पतला करने की पेशकश की है।