अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल इस साल के अंत तक अपने पद से हट सकते हैं, क्योंकि रक्षा सचिव
पीट हेगसेथ के साथ उनके मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। यह जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से सामने आई है। उनके संभावित इस्तीफे या पद छोड़ने से अमेरिकी सेना के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता और बढ़ सकती है।
ड्रिस्कॉल का भविष्य ऐसे समय में सवालों के घेरे में है, जब अमेरिकी सेना पहले से ही सीनेट द्वारा अनुमोदित चीफ ऑफ स्टाफ के बिना काम कर रही है। हेगसेथ ने अप्रैल में जनरल रैंडी जॉर्ज को इस पद से हटा दिया था, लेकिन इस फैसले के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत कारण नहीं बताया। पेंटागन ने भी अभी तक जॉर्ज के लिए स्थायी उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं किया है। सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ और हेगसेथ के पूर्व वरिष्ठ सैन्य सहायक जनरल क्रिस्टोफर ला नीव फिलहाल कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ड्रिस्कॉल का परिवार नॉर्थ कैरोलिना चला गया
ड्रिस्कॉल की निजी परिस्थितियों ने भी उनके पद पर बने रहने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गर्मियों के दौरान ड्रिस्कॉल और उनका परिवार ज्वाइंट बेस मायर्स-हेंडरसन हॉल स्थित अपने आधिकारिक आवास से चले गए। इसके बाद उनका परिवार नॉर्थ कैरोलिना चला गया, जबकि ड्रिस्कॉल सैन्य प्रतिष्ठान में एक छोटे अपार्टमेंट में रहने लगे।
ड्रिस्कॉल पूर्व आर्मी रेंजर हैं और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लंबे समय से मित्र रहे हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के शुरुआती दौर में हेगसेथ के साथ उनके संबंध कथित तौर पर तनावपूर्ण हो गए थे। यह तनाव तब सामने आया जब ड्रिस्कॉल ने वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैनिकों से मिलने तथा सेना में प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा करने की योजनाओं पर काम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रयास ने ड्रिस्कॉल और हेगसेथ के बीच मतभेद को और बढ़ाया।
नई सैन्य तकनीक पर जोर
हेगसेथ के साथ मतभेदों के बावजूद, सेना के सचिव के रूप में लगभग 18 महीने के कार्यकाल के दौरान ड्रिस्कॉल ने जनरल जॉर्ज के साथ करीबी पेशेवर संबंध बनाए। दोनों नेताओं ने सेना में उभरती तकनीकों के अधिक इस्तेमाल का समर्थन किया।
उनका मानना था कि निजी कंपनियों द्वारा विकसित नई तकनीकें भविष्य के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ड्रिस्कॉल ने जॉर्ज और जनरल क्रिस डोनाह्यू के साथ यूक्रेन की यात्रा भी की। उस समय डोनाह्यू यूरोप में अमेरिकी सेना के वरिष्ठ जनरल थे।
यूक्रेन यात्रा के दौरान ड्रिस्कॉल ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की और शांति वार्ता पर चर्चा की। इस यात्रा ने उन्हें यूक्रेन युद्ध से मिलने वाली सीखों को करीब से समझने का अवसर भी दिया। उन्होंने अमेरिकी सेना को यह अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित किया कि यूक्रेनी सेना युद्ध में बाजार में आसानी से उपलब्ध व्यावसायिक तकनीकों का किस तरह इस्तेमाल कर रही है।
इस अनुभव ने इस विचार को और मजबूत किया कि तेजी से विकसित हो रही नागरिक तकनीकें आधुनिक युद्धक्षेत्रों में महत्वपूर्ण सैन्य उपयोगिता रख सकती हैं।
सेना से जुड़ी परियोजनाओं में 25 अरब डॉलर से अधिक का निवेश
ड्रिस्कॉल के कार्यकाल में सेना से जुड़ी परियोजनाओं में निजी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर निवेश भी हुआ। निजी कंपनियों ने पूरे अमेरिका में सेना के ठिकानों पर डेटा सेंटर, महत्वपूर्ण खनिजों की रिफाइनरी और भोजन सुविधाओं से संबंधित परियोजनाओं के लिए 25 अरब डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई।
हालांकि, अप्रैल में हेगसेथ द्वारा सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जॉर्ज को हटाए जाने के बाद ड्रिस्कॉल और जॉर्ज के बीच कामकाजी संबंधों में बड़ा व्यवधान आया। जॉर्ज को हटाए जाने के फैसले की कांग्रेस में आलोचना हुई, जिसमें उनके समर्थक कुछ रिपब्लिकन सांसद भी शामिल थे।
कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सांसदों ने ड्रिस्कॉल से इस फैसले के बारे में सवाल किए। उन्होंने सीधे तौर पर हेगसेथ को चुनौती देने से परहेज किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि वह जॉर्ज का समर्थन करते रहे हैं। ड्रिस्कॉल ने सांसदों से कहा, “मैं भी जनरल जॉर्ज से प्यार करता हूं,” और उन्हें “एक अद्भुत, परिवर्तनकारी नेता” बताया।
ट्रंप ने ड्रिस्कॉल की प्रशंसा की
अपने पद को लेकर अनिश्चितता के बावजूद, ड्रिस्कॉल को राष्ट्रपति ट्रंप का सार्वजनिक समर्थन मिलता रहा है। पिछले महीने पेंसिल्वेनिया में आयोजित एक रक्षा सम्मेलन में ट्रंप ने सेना के सचिव की प्रशंसा की।
ड्रिस्कॉल के व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका चेहरा और मुस्कान उन्हें वास्तविकता से कम डरावना दिखा सकती है। ट्रंप ने कहा कि उनकी “खूबसूरत मुस्कान” के बावजूद वह वास्तव में “किलर” हैं और ऐसे लोग ही सबसे अच्छे होते हैं।
ड्रिस्कॉल का संभावित पद छोड़ना अमेरिकी सेना के लिए संवेदनशील समय में होगा। सेना पहले से ही स्थायी चीफ ऑफ स्टाफ के बिना काम कर रही है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व में एक और बदलाव उसकी कमान, नीतियों और भविष्य की दिशा को लेकर और अधिक अनिश्चितता पैदा कर सकता है।