केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली के लाल किले के पास कार विस्फोट में 13 लोगों की मौत और 20 लोगों के घायल होने के बाद वरिष्ठ सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों के साथ दो उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकें कीं। सोमवार शाम हुए इस शक्तिशाली धमाके में आसपास खड़ी कई गाड़ियाँ भी नष्ट हो गईं।
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए शाह ने लिखा, “वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली कार धमाके पर समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस घटना के हर एक दोषी को खोजकर कड़ी कार्रवाई करें। इसमें शामिल हर व्यक्ति को हमारी एजेंसियों का पूरा प्रकोप झेलना पड़ेगा।”
Chaired review meetings on the Delhi car blast with the senior officials. Instructed them to hunt down each and every culprit behind this incident. Everyone involved in this act will face the full wrath of our agencies. pic.twitter.com/8UO2PYCvoh
— Amit Shah (@AmitShah) November 11, 2025
सीनियर अधिकारियों ने शाह को दी जानकारी
पीटीआई द्वारा उद्धृत सूत्रों के अनुसार, पहली समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक सदानंद वसंत डेट ने हिस्सा लिया।
जम्मू और कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात भी वर्चुअली मीटिंग में शामिल हुए। बैठक के दौरान शीर्ष अधिकारियों ने विस्फोट के बाद की स्थिति और प्रारंभिक जांच की प्रगति पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
दूसरी बैठक दोपहर बाद हुई, जिसमें लगभग वही वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
जांच की कमान NIA को सौंपी गई
गृह मंत्रालय (MHA) ने इस मामले की जांच आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है, जो आतंकी मामलों की जांच करती है। अधिकारियों ने पुष्टि की कि NIA यह पता लगाएगी कि क्या यह धमाका किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।
शाह ने कहा कि भारत की “शीर्ष जांच एजेंसियां” मिलकर इस हमले के पूरे विवरण का पता लगाने और इसमें शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं।
दिल्ली को झकझोर देने वाला धमाका
यह धमाका सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हुआ, जब एक धीमी गति से चल रही कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी। अचानक हुए विस्फोट से भयंकर आग लग गई, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 लोग घायल हो गए, जबकि आसपास खड़ी कई कारें जलकर खाक हो गईं।
इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। NIA, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले मलबे की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विस्फोटक कैसे लगाए गए थे और इस हमले को किसने अंजाम दिया।
जांच के अगले कदम
अब जब जांच की कमान NIA को मिल गई है, तो जांचकर्ता दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर कार की आवाजाही का पता लगाने और संगठित आतंकी नेटवर्क से संभावित संबंधों की पुष्टि करने का प्रयास करेंगे।
अधिकारियों ने पहले हुए हमलों में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों के समान पैटर्न की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह समझा जा सके कि लाल किला धमाके तक की घटनाओं की श्रृंखला क्या थी।
शाह का कड़ा संदेश और त्वरित कार्रवाई यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय राजधानी में आतंक-संबंधित हिंसा के प्रति सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी है।
