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आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026: ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने ऐतिहासिक रन चेज़ पूरा कर भारत का अभियान समाप्त किया
ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने 171 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए भारत महिला टीम को छह विकेट से हराया, सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की और अपने प्रतिद्वंद्वी भारत को आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 से बाहर कर दिया।

आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के 30वें मुकाबले में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत महिला टीम को छह विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया ने छह गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत महिला टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 170 रन बनाए। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने पहले विकेट के लिए 66 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विस्फोटक अर्धशतक जड़ते हुए भारत को 170 रन तक पहुंचाया। यह टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी टीम द्वारा बनाया गया अब तक का सर्वोच्च स्कोर रहा। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सोफी मोलिन्यू ने 4 ओवर में 46 रन देकर 2 विकेट लिए और सबसे सफल गेंदबाज रहीं।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को दूसरी ही गेंद पर झटका लगा, जब रेनुका सिंह ने जॉर्जिया वोल को आउट कर दिया। हालांकि, इसके बाद अनुभवी एलिस पेरी और एश गार्डनर ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलकर टीम को जीत दिला दी। भारत की ओर से श्री चरणी ने 4 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट हासिल किए और सबसे सफल गेंदबाज रहीं।

इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत महिला टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, जबकि दक्षिण अफ्रीका महिला टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने भारत को दिलाई मजबूत शुरुआत

भारत की सलामी जोड़ी शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पावरप्ले के दौरान संयमित बल्लेबाजी की। मंधाना ने स्ट्राइक रोटेट करते हुए पैड्स पर मिली ढीली गेंदों का पूरा फायदा उठाया और लेग साइड में चार चौके लगाए। वहीं, शेफाली स्पिन गेंदबाजों, खासकर एश गार्डनर के खिलाफ अधिक आक्रामक नजर आईं। उन्होंने गार्डनर के पहले ही ओवर में एक चौका और एक शानदार छक्का जड़ा।

दोनों बल्लेबाजों ने बिना अनावश्यक जोखिम उठाए पहले विकेट के लिए मजबूत साझेदारी की। नतीजतन, ऑस्ट्रेलिया पावरप्ले में एक भी विकेट नहीं ले सकी, जबकि 2023 महिला टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल के बाद दोनों टीमों के बीच लगभग हर मुकाबले में उसे शुरुआती विकेट मिला था।

पावरप्ले के बाद भी शेफाली ने गार्डनर पर हमला जारी रखा और नौवें ओवर में एक और छक्का तथा चौका लगाया। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिन्यू ने तुरंत जवाब देते हुए अपने पहले ही ओवर की पहली गेंद पर शेफाली का ऑफ स्टंप बिखेर दिया।

इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स ने कवर के ऊपर से शानदार चौका लगाकर आत्मविश्वास भरी शुरुआत की। लेकिन दोनों बल्लेबाजों के बीच खराब तालमेल के कारण भारत को महंगा रन आउट झेलना पड़ा। रिवर्स स्वीप खेलने के बाद रोड्रिग्स गेंद को देखती रह गईं और मंधाना की रन लेने की कॉल पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकीं। इसका खामियाजा स्मृति मंधाना को भुगतना पड़ा, जो 37 गेंदों में 38 रन बनाकर रन आउट हो गईं।

हरमनप्रीत कौर ने बदला मैच का रुख

जब हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरीं, तब भारत की रन गति सात रन प्रति ओवर से थोड़ा ही अधिक थी। जैसे-जैसे लॉर्ड्स के ऊपर धूप खिलने लगी, वैसे-वैसे भारतीय बल्लेबाजी का आक्रामक रुख भी देखने को मिला।

पहले बल्लेबाजों के विपरीत हरमनप्रीत ने शुरुआत से ही दमदार और सटीक शॉट्स के जरिए लगातार बाउंड्री तलाशने की कोशिश की। ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी और थोड़ी धीमी पिच के कारण भारत खुलकर रन नहीं बना पा रहा था, लेकिन हरमनप्रीत ने धीरे-धीरे रन गति को तेज कर दिया।

18 ओवर के बाद भारत का स्कोर 2 विकेट पर 134 रन था। इस दौरान सोफी मोलिन्यू के शांत ओवर में बिना कोई बाउंड्री लगे सिर्फ सात रन आए। तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी पूरी हो चुकी थी और हरमनप्रीत अंतिम ओवरों में विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करने की तैयारी कर रही थीं।

हरमनप्रीत के तूफानी प्रहार ने भारत को रिकॉर्ड स्कोर तक पहुंचाया

अंतिम ओवरों ने भारत की पारी की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। हरमनप्रीत के छठा चौका लगाने के कुछ ही देर बाद जेमिमा रोड्रिग्स लगातार दो गेंदों पर जीवनदान पाने में सफल रहीं। पहले जॉर्जिया वेयरहैम डीप स्क्वायर लेग पर उनका कैच नहीं पकड़ सकीं और गेंद छह रन के लिए चली गई। इसके बाद निकोला कैरी भी लॉन्ग ऑफ से आगे की ओर डाइव लगाकर एक मुश्किल कैच लपकने में नाकाम रहीं।

इसके बाद भारत ने रणनीतिक फैसला लेते हुए जेमिमा रोड्रिग्स को रिटायर्ड आउट घोषित किया, ताकि विस्फोटक बल्लेबाज ऋचा घोष को क्रीज पर भेजा जा सके। हालांकि, ऋचा को ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिला क्योंकि अंतिम ओवर में हरमनप्रीत ने पूरी तरह बल्लेबाजी की कमान संभाल ली।

भारतीय कप्तान ने लगातार तीन छक्के जड़े, हालांकि इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग ने भी उनका साथ दिया। पहले दो सीधे छक्कों के साथ हरमनप्रीत ने महज 25 गेंदों में अपना शानदार अर्धशतक पूरा किया, जो महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज अर्धशतक बन गया।

लगातार तीसरा छक्का लगाने के प्रयास में भी हरमनप्रीत को एक और जीवनदान मिला, जब फोएबी लिचफील्ड बाउंड्री के पास उनका कैच पूरा नहीं कर सकीं। आखिरकार हरमनप्रीत 27 गेंदों में शानदार 56 रन बनाकर आउट हुईं।

पारी की अंतिम गेंद पर दीप्ति शर्मा के बल्ले का ऊपरी किनारा लगने से भारत को कुछ अतिरिक्त रन मिले। अंतिम ओवर में कुल 23 रन आए और भारत का स्कोर 5 विकेट पर 170 रन पहुंच गया, जो कुछ ओवर पहले तक मुश्किल नजर आ रहा था।

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती झटकों का किया आदान-प्रदान

ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा आक्रामक अंदाज में शुरू किया और जॉर्जिया वोल ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ दिया। हालांकि, रेनुका सिंह ने शानदार वापसी करते हुए अगली ही गेंद पर सफल रिव्यू की मदद से वोल को एलबीडब्ल्यू आउट करा दिया। अंपायर ने पहले उन्हें नॉट आउट दिया था, लेकिन डीआरएस के बाद फैसला भारत के पक्ष में गया।

इसके बाद फोएबी लिचफील्ड ने क्रांति गौड़ के खिलाफ लगातार दो चौके लगाकर जवाब दिया, लेकिन भारत ने जल्द ही रन गति पर नियंत्रण कर लिया। रेनुका सिंह और शेफाली वर्मा ने अगले दो ओवरों में सिर्फ एक-एक रन दिए, जिससे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया।

आखिरकार बेथ मूनी ने लेग साइड में दो चौके लगाकर दबाव कम किया, जबकि फोएबी लिचफील्ड ने शेफाली वर्मा के ओवर में सीधा शानदार छक्का जड़ा। पावरप्ले के अंत तक ऑस्ट्रेलिया ने 49 रन बना लिए और लक्ष्य का पीछा करने की मजबूत स्थिति में बनी रही।

स्पिनरों के शुरुआती झटकों के बाद पेरी और गार्डनर ने संभाली ऑस्ट्रेलिया की पारी

लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबला मध्य ओवरों तक पूरी तरह संतुलित बना हुआ था। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली भारतीय स्पिनर श्री चरणी ने भारत को बड़ी सफलता दिलाई। चोट के कारण पिछले तीन मैच नहीं खेल पाने के बाद वापसी कर रहीं फोएबी लिचफील्ड 24 रन बनाकर लॉन्ग ऑफ पर कैच आउट हो गईं। इसके तीन ओवर बाद दीप्ति शर्मा ने बेथ मूनी को पवेलियन भेज दिया, जिससे ऑस्ट्रेलिया को अंतिम 10 ओवरों में जीत के लिए 99 रन की जरूरत थी।

ऐसे मुश्किल समय में एलिस पेरी ने अपने अनुभव का शानदार परिचय दिया। उन्होंने बड़े शॉट खेलने की जल्दबाजी नहीं की, बल्कि मैदान के चारों ओर गैप तलाशते हुए लगातार स्ट्राइक रोटेट की। दूसरे छोर पर एश गार्डनर ने ढीली गेंदों का पूरा फायदा उठाया और मौका मिलते ही बड़े शॉट खेलकर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया।

गार्डनर के पलटवार ने मैच का रुख बदल दिया

जब ऑस्ट्रेलिया को 48 गेंदों में 86 रन की जरूरत थी, तब तक भारत मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था। लेकिन एश गार्डनर ने उसी समय आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल दिया। राधा यादव की खराब लेंथ वाली लगातार दो गेंदों पर उन्होंने एक चौका और एक छक्का जड़ दिया। इसके बाद एलिस पेरी ने भी एक चौका लगाया और इस ओवर से कुल 17 रन आए।

इसके बाद दबाव पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में चला गया। दो ओवर बाद गार्डनर ने श्री चरणी की गेंद पर स्लॉग स्वीप खेलते हुए एक और शानदार छक्का लगाया, जबकि पेरी ने भी एक चौका जड़ दिया। इस 16 रन वाले ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया को अंतिम पांच ओवरों में जीत के लिए सिर्फ 46 रन चाहिए थे।

जैसे-जैसे ऑस्ट्रेलिया का आत्मविश्वास बढ़ता गया, भारत की फील्डिंग में भी चूकें दिखाई देने लगीं। कुछ मिसफील्ड और लगातार गेंदबाजों में बदलाव से साफ झलक रहा था कि भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बढ़ चुका है।

ऑस्ट्रेलिया ने रचा इतिहास

जैसे-जैसे आवश्यक रन गति कम होती गई, एलिस पेरी और एश गार्डनर ने पूरी तरह मुकाबले पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। पेरी ने 33 गेंदों में एक और सीधा चौका लगाकर अपना शानदार अर्धशतक पूरा किया। इसके कुछ ही देर बाद गार्डनर ने भी केवल 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारत की जीत की उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया।

पेरी 56 रन बनाकर आउट जरूर हुईं, लेकिन तब तक जीत लगभग ऑस्ट्रेलिया की झोली में आ चुकी थी। अंत में जॉर्जिया वेयरहैम ने विजयी रन बनाकर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर सेमीफाइनल में पहुंचा दिया।

भारत के लिए यह अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ करो या मरो वाले ग्रुप मुकाबले में एक और निराशाजनक हार साबित हुई। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी खिलाड़ियों ने एक बार फिर अहम मौके पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब बचाने के अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया।

संक्षिप्त स्कोरकार्ड

भारत महिला (IND W): 170/4 (20)
हरमनप्रीत कौर 56*(27), स्मृति मंधाना 38(37), शेफाली वर्मा 34(26);
सोफी मोलिन्यू 2/46(4), एलिस पेरी 0/7(1)

ऑस्ट्रेलिया महिला (AUS W): 172/4 (19)
एलिस पेरी 56(38), एशले गार्डनर 53*(29), फोएबी लिचफील्ड 24(25);
श्री चरणी 2/32(4), दीप्ति शर्मा 1/31(4)

प्लेयर ऑफ द मैच: एलिस पेरी

ऑस्ट्रेलिया ने दबाव के बीच एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए खचाखच भरे लॉर्ड्स मैदान पर 171 रन के रिकॉर्ड लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर भारत को हराया और महिला टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ रहा।

भारत की हार के साथ लगातार दूसरे महिला टी20 विश्व कप में उसका अभियान समाप्त हो गया। एक बार फिर टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतिम ग्रुप चरण का मुकाबला हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। इस परिणाम के साथ ग्रुप A से ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना वेस्टइंडीज से होगा, जबकि दक्षिण अफ्रीका की भिड़ंत द ओवल में इंग्लैंड से होगी। नियमित अपडेट्स के लिए  JUSZNEWS  के साथ बने रहें!