केप वर्डे ने ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए अपने अंतिम ग्रुप H मुकाबले में सऊदी अरब के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर इतिहास रच दिया और पहली बार फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण (राउंड ऑफ़ 32) में प्रवेश कर लिया।
अफ्रीकी टीम ने ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया और तीन अंकों के साथ आगे बढ़ी, क्योंकि दूसरे मैच में स्पेन ने उरुग्वे को हराया। इस नतीजे ने केप वर्डे को अपने पहले ही विश्व कप में राउंड ऑफ़ 32 का टिकट दिला दिया। अब उनका सामना 3 जुलाई को मियामी स्टेडियम में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
सऊदी अरब की तेज शुरुआत
मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने सावधानी से की और शुरुआती मिनटों में ज्यादा मौके नहीं बने। 17 मिनट से अधिक समय बाद सऊदी अरब ने पहला शॉट लिया। कप्तान सालेम अल-दौसरी ने करीब से शॉट लगाया, लेकिन वाग्नर पिना ने उसे रोक दिया। यह 2026 विश्व कप का अब तक का सबसे देर से आया पहला शॉट था (17 मिनट 12 सेकंड बाद)।
केप वर्डे ने जल्द ही जवाब दिया। विली सेमेडो ने सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस को नजदीकी पोस्ट पर शानदार बचाव के लिए मजबूर किया और फिर एक और प्रयास थोड़ा बाहर चला गया। पहले हाफ के अंत से पहले सऊदी अरब लगभग बढ़त ले लेता, लेकिन मोहम्मद कानो का हेडर केप वर्डे के गोलकीपर वोज़िन्हा ने पकड़ लिया।
दूसरे हाफ में केप वर्डे का दबदबा
दूसरे हाफ की शुरुआत में केप वर्डे ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया। जामिरो मोंटेइरो के शॉट को अल-ओवैस ने बचाया, जबकि केविन पिना का जोरदार लॉन्ग रेंज शॉट बेहद करीब से बाहर गया।
सऊदी अरब ने भी सब्स्टीट्यूट मोहम्मद अबू अल-शामात के आने के बाद कुछ मौके बनाए, लेकिन वोज़िन्हा ने एक बार फिर बेहतरीन बचाव किया।
केप वर्डे जीत के बेहद करीब पहुंचा जब सब्स्टीट्यूट लारोस डुआर्टे गोलकीपर के सामने निकल गए, लेकिन अल-ओवैस ने शानदार वन-ऑन-वन सेव कर दिया। अंतिम मिनटों में सऊदी अरब ने दबाव बनाया, लेकिन निर्णायक गोल नहीं कर सका।
अंतिम मौका अब्दुल्ला अल-हमदान को मिला, लेकिन उनका शॉट वोज़िन्हा ने आसानी से रोक लिया, जिसके बाद केप वर्डे के खिलाड़ियों और समर्थकों ने जश्न मनाया।
केप वर्डे ने रचा विश्व कप इतिहास
केप वर्डे ने ग्रुप स्टेज में अजेय रहते हुए अभियान समाप्त किया—स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब के खिलाफ ड्रॉ के साथ। यह उपलब्धि उन्हें 2010 में स्लोवाकिया के बाद अपने डेब्यू विश्व कप में नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला पहला देश बनाती है।
वे 2006 में घाना के बाद ऐसा करने वाली पहली अफ्रीकी टीम भी बने। साथ ही 2002 में सेनेगल के बाद पहली ऐसी टीम हैं जो डेब्यू विश्व कप में ग्रुप स्टेज में अपराजित रही (1 जीत, 2 ड्रॉ)।
अनुभवी गोलकीपर वोज़िन्हा का कमाल
40 वर्षीय गोलकीपर वोज़िन्हा ने एक बार फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। स्पेन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने इस मैच में भी क्लीन शीट रखते हुए टीम को आगे पहुंचाया। वे फीफा विश्व कप इतिहास में केवल तीसरे ऐसे 40+ उम्र के गोलकीपर बने जिन्होंने एक से अधिक क्लीन शीट दर्ज की हों (पीटर शिल्टन और डिनो जोफ के साथ)।
सब्स्टीट्यूट लारोस डुआर्टे ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया और 71वें मिनट में आने के बावजूद तीन मौके बनाए।
केप वर्डे की मजबूत डिफेंस और शानदार जुझारूपन ने उन्हें एक और अहम अंक दिलाया और उनके ऐतिहासिक डेब्यू को नॉकआउट चरण तक पहुंचा दिया, जहां अब उनका सामना मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
