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जेडी वांस ने कहा कि ईरान समझौते पर फैसला लेना अभी बाकी, ट्रंप ने नहीं दी अंतिम मंजूरी
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्तावित युद्धविराम तथा परमाणु समझौते को मंजूरी देने पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने गुरुवार को कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी देंगे और उस पर हस्ताक्षर करेंगे या नहीं। दोनों देशों के बीच कई अनसुलझे मुद्दों पर बातचीत जारी है। पत्रकारों से बातचीत में वांस ने कहा कि मसौदा समझौते की कुछ विशेष शब्दावली को लेकर अभी भी चर्चा चल रही है।

वांस ने कहा, “मुझे लगता है कि यह कहना मुश्किल है कि राष्ट्रपति कब या क्या इस MoU पर हस्ताक्षर करेंगे। हम कुछ भाषा संबंधी बिंदुओं पर आगे-पीछे चर्चा कर रहे हैं।”

परमाणु मुद्दों पर बातचीत जारी

वांस ने कहा कि अमेरिका और ईरान ने वार्ता के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालांकि, दोनों पक्ष अभी भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम के भंडार से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि हम प्रगति करना जारी रखेंगे और राष्ट्रपति ऐसी स्थिति में होंगे जहां वह इस समझौते का समर्थन कर सकें, लेकिन फिलहाल इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है।”

वांस ने युद्धविराम को बताया ‘जटिल’

हाल ही में ईरान ने क्षेत्र में हुए नए हमलों के बाद अमेरिका पर अस्थायी युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। इन चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए वांस ने स्वीकार किया कि ऐसे समझौते अक्सर जटिलताओं का सामना करते हैं। वांस ने सीएनएन से कहा, “ये युद्धविराम समझौते हमेशा थोड़े जटिल होते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “कभी-कभी ऐसी परिस्थितियों में तनाव की छोटी-मोटी घटनाएं भी हो जाती हैं।”

समझौते के करीब पहुंचे अमेरिका और ईरान

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान गुरुवार को युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप देने के और करीब पहुंच गए। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस समझौते को मंजूरी नहीं दी है।

इससे पहले अमेरिकी सूत्रों ने AFP को बताया था कि दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने के उद्देश्य से एक मसौदा समझौता ज्ञापन पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी संकेत दिया कि वार्ता में प्रगति हुई है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक ब्रीफिंग के दौरान बेसेंट ने कहा, “संभवतः हमारे पास एक समझौते की रूपरेखा तैयार हो चुकी है।”

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की कुछ प्रमुख मांगों का समाधान अभी पूरी तरह नहीं हुआ है। बेसेंट ने कहा, “वह कोई खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। वह अमेरिकी जनता के लिए एक बेहतरीन समझौता करेंगे।”

मसौदा समझौते के प्रमुख बिंदु

रिपोर्टों के अनुसार, मसौदा MoU में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से निर्बाध समुद्री आवाजाही का प्रस्ताव रखा गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इससे व्यावसायिक जहाजों पर किसी प्रकार का टोल, नाकेबंदी या उत्पीड़न नहीं होगा।

समझौते के तहत ईरान को 30 दिनों के भीतर इस रणनीतिक जलमार्ग से सभी नौसैनिक बारूदी सुरंगें हटानी होंगी।

इसके बदले में अमेरिका सामान्य व्यावसायिक समुद्री गतिविधियां बहाल होने के आधार पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को धीरे-धीरे कम करेगा। मसौदा समझौते में ईरान की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता भी शामिल होने की खबर है।

प्रस्तावित 60-दिवसीय वार्ता अवधि के दौरान दोनों पक्ष ईरान के उच्च स्तर पर समृद्ध यूरेनियम के भंडार और उसके यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।