ईरान ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर जारी वार्ताओं में प्रगति के बावजूद अमेरिका के साथ किसी अंतिम समझौते के करीब पहुंचने की स्थिति अभी नहीं बनी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर समझ बनी है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत से अभी तक किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंचा गया है। यह जानकारी ईरान इंटरनेशनल के अनुसार सामने आई।
उनका यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिन में पहले उम्मीद जताई थी कि वॉशिंगटन और तेहरान जल्द ही एक समझौते को अंतिम रूप दे सकते हैं। रुबियो ने कहा कि बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष एक अस्थायी समझौते तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष समाप्त करने पर ईरान का जोर
बघाई ने कहा कि ईरान का मुख्य उद्देश्य फिलहाल परमाणु मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करने के बजाय पूरे क्षेत्र में जारी युद्ध को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि बातचीत का वर्तमान फोकस तनाव कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा बेहतर बनाने पर है।
बघाई के अनुसार, वार्ताकार लेबनान सहित “सभी मोर्चों पर” संघर्ष समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत योजनाएं शामिल हैं। बघाई ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का प्रबंधन तटीय देशों को मिलकर करना चाहिए। उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि ईरान जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क लगाने की योजना बना रहा है।
परमाणु वार्ता बाद के चरण में हो सकती है शुरू
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने एक वरिष्ठ ईरानी राजनयिक के हवाले से कहा कि वार्ता के दूसरे चरण में परमाणु मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
राजनयिक ने कहा कि यह तभी संभव होगा जब बातचीत का पहला चरण सफल रहेगा और अमेरिका अपने वादों को पूरा करेगा। अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत में ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम और उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
इसके बदले ईरान प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज़ की गई ईरानी संपत्तियों की रिहाई और ईरान के निकट क्षेत्रों से अमेरिकी सेनाओं की वापसी की अपेक्षा कर रहा है।
राजनयिक ने यह भी कहा कि ईरान और ओमान होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर चर्चा कर रहे हैं। इस मुद्दे पर तेहरान की मस्कट के साथ बातचीत जारी है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य बना हुआ है प्रमुख मुद्दा
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वार्ता के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बना हुआ है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है।
रुबियो ने कहा कि जलडमरूमध्य को खुला रखना बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी वार्ता को लेकर सार्वजनिक रूप से बयान देते रहे। ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि समझौते पर “ज्यादातर बातचीत पूरी हो चुकी है।” हालांकि बाद में उन्होंने अधिकारियों को जल्दबाजी में कोई समझौता न करने की चेतावनी भी दी।
