अल अरबिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का अंतिम मसौदा अगले कुछ घंटों में घोषित किया जा सकता है। वार्ता से परिचित सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित समझौते में सभी मोर्चों पर तत्काल, व्यापक और बिना शर्त युद्धविराम शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, मसौदे में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन की गारंटी भी दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि समझौता औपचारिक रूप से लागू होने से पहले दोनों देशों द्वारा एक साथ घोषणाएं किए जाने की संभावना है।
युद्धविराम और नौवहन की गारंटी मसौदे का हिस्सा
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में क्षेत्रीय तनाव कम करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते में दोनों पक्षों द्वारा सैन्य, नागरिक या आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने का वादा शामिल है।
इसमें सभी सैन्य अभियानों को समाप्त करने और दोनों देशों के बीच मीडिया अभियानों को रोकने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा मसौदे में संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का सम्मान करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं।
प्रस्ताव में फारस की खाड़ी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता की गारंटी भी दी गई है। सूत्रों ने बताया कि समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी और दोनों पक्षों के बीच विवादों के समाधान के लिए एक संयुक्त तंत्र भी बनाया जाएगा।
मसौदे में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि समझौता लागू होने के सात दिनों के भीतर लंबित मुद्दों पर वार्ता शुरू की जाए।
ईरानी प्रतिबद्धताओं से जुड़ी प्रतिबंधों में राहत
रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते में अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने की योजना भी शामिल है। बदले में ईरान समझौते में निर्धारित शर्तों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रस्तावित प्रतिबंध राहत को संबंधों को स्थिर करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पाकिस्तान निभा रहा है मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ता को सुगम बनाने में पाकिस्तान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अल अरबिया के अनुसार, पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर मध्यस्थता प्रयासों के तहत तेहरान के लिए रवाना हो चुके हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी यात्रा पाकिस्तानी गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी और ईरानी अधिकारियों के बीच हुई चर्चाओं के दौरान शर्तों को अंतिम रूप देने से जुड़ी हुई है।
नकवी शुक्रवार को वार्ता के एक और दौर के लिए तेहरान पहुंचे थे। इस सप्ताह ईरान की यह उनकी दूसरी यात्रा थी।
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों का उद्देश्य संवाद के चैनलों को बेहतर बनाना और दोनों पक्षों को संघर्ष समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा तक पहुंचने में मदद करना है।
वार्ता में प्रगति के संकेत
हालिया घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कई संकेत मिले हैं कि वार्ता आगे बढ़ रही है। इस सप्ताह की शुरुआत में मार्को रुबियो ने कहा था कि बातचीत के दौरान “कुछ सकारात्मक संकेत” मिले हैं।
इसी दौरान, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका के नवीनतम प्रस्ताव ने कुछ शेष मतभेदों को कम करने में मदद की है। ईरान की अपनी पिछली यात्रा के दौरान नकवी ने कथित तौर पर पाकिस्तान के लगातार चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के तहत अमेरिकी प्रस्ताव ईरानी अधिकारियों के साथ साझा किया था।
पिछले महीने क्षेत्र में युद्धविराम प्रयासों के पीछे भी पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश माना गया था।
