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तमिलनाडु के नए राजनीतिक सितारे विजय कितने अमीर हैं?
विजय की ऐतिहासिक चुनावी शुरुआत ने तमिलनाडु की राजनीति की दिशा बदल दी, जबकि उनकी ₹624 करोड़ की संपत्ति और सरकार गठन की चुनौती अब सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी तमिऴगा वेत्री कड़गम (TVK) को शानदार पहली चुनावी सफलता दिलाई। 234 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 108 सीटें जीतकर DMK और AIADMK के लंबे समय से चले आ रहे प्रभुत्व को चुनौती दे दी।

हालांकि, विजय 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे रह गए। सरकार गठन की कोशिशों के बीच अब लोगों का ध्यान उनकी विशाल निजी संपत्ति पर भी केंद्रित हो गया है।

विजय की कुल संपत्ति ₹600 करोड़ के पार

चुनावी हलफनामे के अनुसार, विजय की कुल संपत्ति ₹624 करोड़ है। इसमें ₹404 करोड़ की चल संपत्ति और ₹220 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है।

उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा बैंक जमा में है। खास तौर पर, इंडियन ओवरसीज बैंक की सालिग्रामम शाखा के एक ही बचत खाते में ₹213 करोड़ जमा हैं। इसके अलावा, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में लगभग ₹100 करोड़ की एफडी भी हैं।

दिलचस्प बात यह है कि विजय का शेयर बाजार में निवेश बेहद कम है। उनकी इक्विटी निवेश राशि ₹20 लाख से भी कम है, जिससे साफ है कि वे सुरक्षित वित्तीय साधनों को प्राथमिकता देते हैं।

उनकी आय भी लगातार मजबूत बनी हुई है। 2024-25 के आयकर रिटर्न के अनुसार, उन्होंने स्वरोजगार, ब्याज और किराये की आय से ₹184.53 करोड़ कमाए। यह उनकी फिल्मी कमाई से मेल खाता है, जहां बताया जाता है कि वे प्रति फिल्म ₹100-120 करोड़ फीस लेते थे।

परिवार और करीबी सहयोगियों को दिए ऋण

विजय के नाम पर कोई कर्ज या देनदारी नहीं है। इसके उलट, उन्होंने परिवार और करीबी सहयोगियों को बड़ी रकम उधार दी है।

उन्होंने पार्टी नेता एन. आनंद को ₹3 करोड़ दिए। इसके अलावा, पत्नी संगीता को ₹12.60 करोड़, पिता एस. ए. चंद्रशेखर को ₹3.02 करोड़, मां शोबा सेकर को ₹8.71 लाख, बेटे जेसन संजय को ₹8.78 लाख और बेटी दिव्या साशा को ₹4.60 लाख का ऋण दिया।

विशाल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो

विजय के पास चेन्नई के नीलांगरई, सालिग्रामम, मायलापुर और एग्मोर जैसे इलाकों में कई संपत्तियां हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹115 करोड़ आंकी गई है।

इनमें नीलांगरई स्थित उनका समुद्र किनारे बना आलीशान घर सबसे खास है। ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित इस बंगले की कीमत करीब ₹80 करोड़ बताई जाती है। इसमें आधुनिक वास्तुकला, बड़े ग्लास पैनल, खुला लेआउट, निजी जिम और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं।

इसके अलावा, उनके पास त्यागराया नगर, शोलिंगनल्लूर और परिवक्कम में लगभग ₹82.8 करोड़ की व्यावसायिक संपत्तियां भी हैं। वहीं ₹22 करोड़ की गैर-कृषि भूमि और कोडाइकनाल में लगभग ₹20 लाख की कृषि भूमि भी उनके पास है।

व्यक्तिगत संपत्तियों के अलावा, विजय जया नगर प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी हैं, जिससे रियल एस्टेट कारोबार में उनकी सक्रिय भागीदारी का संकेत मिलता है।

लग्जरी कारों के साथ साधारण सवारी भी

विजय का कार कलेक्शन लग्जरी और सादगी दोनों का मिश्रण है। उनके वाहनों की कुल कीमत लगभग ₹13.52 करोड़ है।

उनके महंगे वाहनों में लेक्सस LM 350h (₹2.20 करोड़), टोयोटा वेलफायर (₹1.19 करोड़), बीएमडब्ल्यू i7 (₹2.5 करोड़) और बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज (₹80 लाख) शामिल हैं। वहीं चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मारुति सुजुकी स्विफ्ट का भी इस्तेमाल किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास पहले ₹2 करोड़ की रोल्स-रॉयस घोस्ट भी थी, जिसे उन्होंने चुनाव से पहले बेच दिया। छोटी दूरी के सफर के लिए उनके पास TVS XL दोपहिया वाहन भी है।

सोना, हीरे और पारिवारिक संपत्ति

विजय के पास लगभग 883 ग्राम सोने के आभूषण हैं, जिनकी कीमत करीब ₹1.20 करोड़ है। उनकी पत्नी संगीता के पास इससे भी बड़ा संग्रह है, जिनके सोने के गहनों की कीमत लगभग ₹4.07 करोड़ बताई गई है।

परिवार के पास करीब ₹1 करोड़ के हीरे भी हैं, जो उनकी कुल संपत्ति में और इजाफा करते हैं।

पहली ही चुनावी लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता

विजय की चुनावी सफलता को ऐतिहासिक बताया जा रहा है। अपने पहले ही चुनाव में उन्होंने न केवल बड़ी जीत दर्ज की, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति की दिशा भी बदल दी।

दशकों तक राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही। लेकिन विजय ने इस परंपरा को तोड़ते हुए खासकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं के एक वर्ग का व्यापक समर्थन हासिल किया।

कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ घोषणापत्र के समर्थन में मिला जनादेश नहीं था। जैसा कि कहा गया, “यह घोषणापत्र के लिए कम और संभावनाओं के लिए ज्यादा दिया गया वोट था।”

सरकार गठन पर नजरें

नतीजों के बाद विजय ने तेजी से सरकार बनाने का दावा पेश किया। उन्होंने राज्यपाल आर. एन. रवि को पत्र लिखकर कहा कि उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विजय ने ईमेल में कहा, “हम बहुमत साबित करने का अवसर देने का अनुरोध करते हैं।”

क्योंकि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, इसलिए राज्यपाल कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद फैसला कर सकते हैं। इस बीच TVK ने विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए लगभग दो सप्ताह का समय मांगा है।

आगे की राह

विजय अपनी पहली चुनावी जीत के साथ इतिहास रच चुके हैं। अब उनकी अगली चुनौती पर्याप्त समर्थन जुटाकर बहुमत साबित करना है। एक लोकप्रिय नेता से स्थिर प्रशासक बनने का उनका सफर कितना सफल होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।