ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे बातचीत नहीं करेगा, भले ही क्षेत्र में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हों। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा कि ईरानी और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं है। उनका यह बयान उस समय आया जब विदेश मंत्री अब्बास अराघची तनाव कम करने के उद्देश्य से चर्चा के लिए देर रात पाकिस्तान पहुंचे।
बग़ाई ने कहा, “ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी बैठक की कोई योजना नहीं है। ईरान के विचार पाकिस्तान को बताए जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि अराघची मध्यस्थता प्रयासों के तहत पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि ये चर्चाएं “अमेरिका द्वारा थोपी गई आक्रामक युद्ध की समाप्ति और हमारे क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए चल रहे मध्यस्थता प्रयासों के अनुरूप” होंगी।
हालांकि, दोनों पक्षों के वार्ताकार एक ही स्थान पर मौजूद हो सकते हैं, लेकिन इस बयान के बाद यह अनिश्चितता बढ़ गई है कि क्या कोई सीधी बातचीत होगी।
अराघची की पाकिस्तान नेतृत्व से मुलाकात
इस बीच, अराघची पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने “क्षेत्रीय हालात और संघर्षविराम से जुड़े मुद्दों” पर चर्चा की।
इससे पहले, ईरान की सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) ने बताया था कि अराघची ने एक व्यापक कूटनीतिक दौरा शुरू किया है। IRNA के अनुसार, “ईरान के विदेश मंत्री शुक्रवार, 24 अप्रैल की शाम से क्षेत्रीय दौरे पर निकलेंगे, जिसमें इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को की यात्रा शामिल है।”
इस प्रकार, यह दौरा क्षेत्रीय समर्थन जुटाने और तनाव कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
ट्रंप ने संभावित ईरानी प्रस्ताव के संकेत दिए
इसी समय, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान जल्द ही वॉशिंगटन को एक प्रस्ताव दे सकता है, हालांकि उन्होंने माना कि इसके विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं।
ट्रंप ने रॉयटर्स से कहा, “वे एक प्रस्ताव दे रहे हैं और हमें देखना होगा।”
इसके अलावा, CNN के अनुसार, अमेरिका विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर को इस्लामाबाद भेज रहा है। वे सप्ताहांत में अराघची के साथ होने वाली चर्चाओं में शामिल हो सकते हैं।
प्रमुख नेता वार्ता से दूर रहेंगे
इस बीच, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की संभावना नहीं है। इसी तरह, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर गालिबाफ भी इसमें भाग नहीं लेंगे।इससे संकेत मिलता है कि उच्च-स्तरीय भागीदारी फिलहाल सीमित बनी हुई है।
वार्ता को लेकर अनिश्चितता बरकरार
अंत में, दोनों पक्षों की ओर से कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं, लेकिन स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। ईरान ने सीधे संवाद को सख्ती से खारिज कर दिया है, जबकि अमेरिका संभावित प्रगति के संकेत दे रहा है। कुल मिलाकर, यह अभी भी अनिश्चित है कि कोई ठोस या निर्णायक बातचीत हो पाएगी या नहीं।
