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Google ने पांच देशों के कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया, AI में निवेश बढ़ाने की तैयारी
Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ाने और परिचालन खर्चों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पांच देशों में अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के कार्यक्रम का विस्तार किया है।

टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Google ने अपने परिचालन खर्चों को नियंत्रित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से पांच देशों में कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प देना शुरू किया है। कंपनी ने अपने स्वैच्छिक प्रस्थान कार्यक्रम का विस्तार कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और स्विट्जरलैंड में काम करने वाले कर्मचारियों तक कर दिया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Google ने वर्ष 2025 की शुरुआत में कुछ चुनिंदा टीमों के कर्मचारियों को इस तरह के ऑफर देना शुरू किया था। इसके बाद जून में इस कार्यक्रम का विस्तार अन्य देशों तक किया गया।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब Google अपनी कर्मचारियों की जरूरतों का दोबारा आकलन कर रही है और AI विकास समेत अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्रों में अधिक संसाधन लगा रही है। Google के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स को इस कार्यक्रम के विस्तार की पुष्टि की है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि अब तक कितने कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार किया है।

Google ने पांच देशों में कर्मचारियों को दिया स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का ऑफर

Google का नया स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का कार्यक्रम पांच देशों की चुनिंदा टीमों में काम करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा। इस ऑफर के तहत पात्र कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के बदले कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। Google ने इस साल की शुरुआत में कुछ विभागों में इसी तरह के कार्यक्रम शुरू किए थे। इसके बाद जून में इनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया गया।

हालांकि, कंपनी ने यह ऑफर अपने सभी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं कराया है। केवल चुनिंदा टीमें ही इस कार्यक्रम में हिस्सा ले सकती हैं। इस कदम से संकेत मिलता है कि Google अपने कुल खर्चों को नियंत्रित करने के साथ-साथ कुछ व्यावसायिक क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरतों की समीक्षा कर रही है।

Google DeepMind और Cloud टीमों को कार्यक्रम से रखा गया बाहर

Google ने अपने कुछ महत्वपूर्ण व्यावसायिक विभागों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के कार्यक्रम से बाहर रखा है। कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च यूनिट DeepMind और Google Cloud डिवीजन को इस बार के ऑफर में शामिल नहीं किया गया है। ये दोनों विभाग Google की भविष्य की विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कंपनी इन दोनों क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रही है और AI तथा क्लाउड सेवाओं से जुड़े कामकाज को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत है। इसी वजह से Google अपने अलग-अलग व्यावसायिक विभागों के लिए अलग रणनीति अपना रही है।

जहां कुछ चुनिंदा विभागों में कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है, वहीं भविष्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विभागों में भर्ती और टीमों का विस्तार जारी है।

AI में बढ़ते निवेश के बीच खर्च नियंत्रित करना चाहती है Google

Google का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अपना खर्च बढ़ा रही है। कंपनी AI तकनीक, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संसाधनों में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, ताकि तेजी से बढ़ते AI बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रख सके। इन निवेशों के कारण Google पर अपने परिचालन खर्चों को नियंत्रित करने का दबाव भी बढ़ा है।

स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के पैकेज के जरिए कंपनी बिना सभी विभागों में एक साथ छंटनी किए चुनिंदा क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या कम कर सकती है या अपने कार्यबल का पुनर्गठन कर सकती है। इसके साथ ही Google उन व्यावसायिक विभागों में अधिक पैसा और संसाधन लगाना चाहती है, जिन्हें वह भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानती है।

स्विट्जरलैंड में ऑफर स्वीकार करने के बाद कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी

Google के स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के कार्यक्रम का असर स्विट्जरलैंड में पहले ही दिखाई देने लगा है। इस मामले से परिचित लोगों के अनुसार, Google ने जून में स्विट्जरलैंड में अपने कर्मचारियों को यह पैकेज ऑफर किया था। जिन कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया, उन्होंने अगस्त में कंपनी छोड़ना शुरू कर दिया।

स्विट्जरलैंड में Google के लगभग 5,000 कर्मचारी काम करते हैं। यहां ज्यूरिख में कंपनी का एक प्रमुख इंजीनियरिंग सेंटर भी स्थित है। कर्मचारियों को दिए गए मुआवजे के पैकेज के तहत Google में काम किए गए प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने का वेतन देने की पेशकश की गई थी।

हालांकि, अधिकतम मुआवजे की सीमा 12 महीने के वेतन तक निर्धारित की गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50 कर्मचारियों वाली एक टीम के कम से कम चार कर्मचारियों ने इस ऑफर को स्वीकार किया है। हालांकि, Google ने अभी तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि इस कार्यक्रम के तहत कुल कितने कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ने की सहमति दी है।

Microsoft ने भी कर्मचारियों को दिया स्वैच्छिक बायआउट पैकेज

AI में बढ़ते निवेश के बीच अपने कर्मचारियों की संख्या और खर्चों की समीक्षा करने वाली Google अकेली बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी नहीं है। Microsoft ने भी स्वैच्छिक बायआउट कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत अमेरिका, कनाडा, भारत और यूनाइटेड किंगडम में लगभग 60,000 कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है।

यह ऑफर लेवल 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए लागू है। इसका मतलब है कि Microsoft के कुल 2,23,000 कर्मचारियों में से लगभग 27 प्रतिशत कर्मचारी इस कार्यक्रम के लिए पात्र हो सकते हैं। इस ऑफर को स्वीकार करने वाले कर्मचारी दिसंबर के अंत तक कंपनी छोड़ देंगे। इस कार्यक्रम के जरिए Microsoft के पात्र कर्मचारियों को आर्थिक मुआवजे के बदले कंपनी छोड़ने का एक विकल्प मिल रहा है।

Microsoft के AI निवेश से कर्मचारियों की रणनीति में बदलाव

Microsoft अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। उन्नत AI सिस्टम विकसित करने और उन्हें संचालित करने के लिए कंपनी को बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग क्षमता की आवश्यकता है।

इसके चलते कंपनी की इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी जरूरतें और निवेश की प्रतिबद्धताएं बढ़ी हैं। Microsoft का यह नया स्वैच्छिक बायआउट कार्यक्रम कंपनी में पहले हुए कर्मचारियों से जुड़े बदलावों के बाद आया है।

कंपनी ने अप्रैल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसके अलावा जुलाई में छंटनी का एक अलग दौर भी चलाया गया था, जिसमें लगभग 4,800 कर्मचारी प्रभावित हुए थे। Google और Microsoft दोनों ही AI में निवेश बढ़ाने के साथ अपनी कर्मचारियों से जुड़ी रणनीतियों में बदलाव कर रही हैं।

इन कंपनियों के हालिया कदम बताते हैं कि बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां कर्मचारियों पर होने वाले खर्चों को नियंत्रित करने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों में अधिक संसाधन लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

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