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ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस्लामी देशों से एकजुट होने की अपील की
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया के देशों से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने मुस्लिम देशों के बीच एकता और सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ ईरान में घरेलू उत्पादन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया के देशों से अपनी एकजुटता मजबूत करने और उन साझा दुश्मनों के खिलाफ सहयोग करने का आह्वान किया है, जिन्हें उन्होंने क्षेत्र के लिए खतरा बताया। पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के छह महीने बाद जारी एक लिखित संदेश में मोजतबा ने क्षेत्रीय देशों से अपने सामने मौजूद खतरों की पहचान करने और उनका मिलकर मुकाबला करने की अपील की। उनकी टिप्पणियां अमेरिका और इजरायल की ओर इशारा करती थीं, हालांकि उन्होंने हर संदर्भ में दोनों देशों का नाम नहीं लिया। मोजतबा ने कहा, "अपने वास्तविक दुश्मन को पहचानें, उसकी योजना को समझें और उसका मुकाबला करें।" उन्होंने क्षेत्र के देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि इस्लामी राष्ट्र दोस्ती, एकता और सहयोग के जरिए अपनी प्रमुख चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं।

सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई के शुरुआती महीने

मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बने। अली खामेनेई की मौत संघर्ष की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में हुई थी। पद संभालने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से काफी कम नजर आए हैं। उन्होंने अब तक सार्वजनिक संबोधन नहीं दिया है। ईरानी अधिकारियों ने भी उनका कोई वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी नहीं किया है। इसके बजाय, वह समय-समय पर लिखित संदेश जारी करते रहे हैं। बाद में ईरान के सरकारी टेलीविजन पर इन बयानों का प्रसारण किया गया। उनका ताजा संदेश ऐसे समय में आया है जब कई महीनों से जारी संघर्ष के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बरकरार है।

ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी देशों के साथ रिश्तों पर दबाव

संघर्ष के दौरान ईरान ने कई पड़ोसी खाड़ी देशों के खिलाफ जवाबी हमले किए। तेहरान का दावा था कि इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए किया जा रहा था। इसके बाद ईरानी बलों ने मध्य पूर्व के कई हिस्सों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। प्रभावित देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कुवैत, कतर और बहरीन शामिल थे। इन हमलों और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष ने कई खाड़ी देशों के साथ ईरान के संबंधों पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

'मुसलमानों में विभाजन पैदा करने वाला दुश्मनों के उद्देश्य को पूरा करता है'

मोजतबा ने पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के अवसर पर अपनी ताजा अपील जारी की। यह शिया मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुसलमानों के बीच आंतरिक विभाजन उनके विरोधियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति मुस्लिम समुदाय के भीतर संघर्ष पैदा करता है, वह अपनी स्थिति या मंशा चाहे जो भी हो, अंततः ईरान के दुश्मनों के हितों को पूरा करता है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने कहा, "कोई भी व्यक्ति, किसी भी पद पर रहते हुए, यदि ऐसा कुछ करता है जिससे मुसलमानों में विभाजन और मुस्लिम समुदाय में संघर्ष पैदा होता है, तो वह जानबूझकर या अनजाने में, दुश्मनों के उद्देश्य को पूरा करता है।" मोजतबा ने इस्लामी देशों के बीच सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "इस्लामी देशों की समस्याओं का समाधान एकजुटता, दोस्ती और भलाई के रास्ते पर सहयोग में है।" उनकी टिप्पणियां क्षेत्रीय देशों के बीच मतभेदों को दूर करने और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने के उनके व्यापक आह्वान को दर्शाती हैं।

ईरानी लोगों से एकता बनाए रखने की अपील

मोजतबा ने अपने संदेश में ईरान की जनता को भी संबोधित किया। उन्होंने ईरानियों से अपने मतभेदों को किनारे रखने और समाज में विभाजन को रोकने की अपील की।उनके अनुसार, मौजूदा संघर्ष और दबाव के दौर में सामाजिक एकता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "एक बार फिर, ईरानी लोगों के लिए इस सेवक की सलाह है कि वे किसी भी तरह अपने बीच मतभेद पैदा न होने दें।" यह बयान शुक्रवार को की गई उनकी उन टिप्पणियों की भी याद दिलाता है, जिनमें उन्होंने सामाजिक एकजुटता को कमजोर करने वाली गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी दी थी। उन्होंने शुक्रवार को कहा था, "मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि सामाजिक एकजुटता के लिए नुकसानदायक कोई भी कार्य प्रतिबंधित है।"

ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी जोर

राष्ट्रीय एकता की अपील के साथ-साथ मोजतबा ने ईरान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की भी बात की है। उन्होंने ईरानी अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे डॉलर पर निर्भरता कम करने का समर्थन किया है। साथ ही, उन्होंने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया है। आर्थिक उत्पादन पर यह जोर ऐसे समय में आया है जब ईरान लंबे समय से जारी संघर्ष, क्षेत्रीय तनाव और उसकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले प्रतिबंधों एवं अन्य पाबंदियों का सामना कर रहा है। मोजतबा का ताजा संदेश इसलिए क्षेत्रीय एकता, घरेलू सामाजिक एकजुटता और आर्थिक मजबूती—तीनों पर केंद्रित रहा, क्योंकि ईरान पश्चिम एशिया में जारी संकट से जूझ रहा है।