ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में स्थित अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में प्रवासी वीज़ा (Immigrant Visa) के अपॉइंटमेंट अस्थायी रूप से रोक दिए हैं, यह जानकारी फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार सामने आई है। इस कदम से कई आवेदकों की वीज़ा प्रक्रिया प्रभावित हुई है। भारत, यूरोप और लैटिन अमेरिका के कई आवेदकों को स्वचालित संदेश मिले। इन संदेशों में बताया गया कि अधिकारियों ने उनके इंटरव्यू रद्द या स्थगित कर दिए हैं। नोटिस में नई तारीखों की जानकारी नहीं दी गई। इससे कई आवेदक असमंजस में हैं कि उनके मामलों में आगे की प्रक्रिया कब शुरू होगी।
विदेश विभाग ने वैश्विक प्रशिक्षण को बताया कारण
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह रोक कांसुलर अधिकारियों के लिए चलाए जा रहे वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी है। विभाग चाहता है कि अधिकारी वीज़ा आवेदकों का मूल्यांकन “व्यापक और एकसमान तरीके से” करें।
प्रशिक्षण में ऐसे आवेदकों की पहचान पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो अमेरिका की सार्वजनिक सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। अमेरिकी आव्रजन कानून में पहले से ही “पब्लिक चार्ज” (Public Charge) मूल्यांकन का प्रावधान है।
इस नियम के तहत कांसुलर अधिकारी कई कारकों की समीक्षा कर सकते हैं, जिनमें आवेदक की आर्थिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियां, शिक्षा और कौशल शामिल हैं।
सरकार ने प्रशिक्षण पूरा होने की कोई समयसीमा नहीं बताई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि दूतावास नियमित प्रवासी वीज़ा इंटरव्यू कब से दोबारा शुरू करेंगे। इस अस्पष्टता ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। कई आवेदकों को पहले ही इंटरव्यू की तारीख मिल चुकी थी और उन्होंने उसी के अनुसार अपनी योजनाएं बना ली थीं।
परिवारों और कर्मचारियों को देरी का सामना
इस रोक का असर परिवार-प्रायोजित प्रवासी वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। रोजगार-आधारित आवेदक भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
इंटरव्यू में देरी से पूरी आव्रजन प्रक्रिया रुक सकती है। आवेदकों को नई अपॉइंटमेंट मिलने और बाकी प्रक्रियाएं पूरी होने तक अमेरिका के बाहर इंतजार करना पड़ सकता है।
इस देरी का असर कंपनियों पर भी पड़ सकता है। व्यवसाय अक्सर रोजगार-आधारित आव्रजन कार्यक्रमों के जरिए कर्मचारियों को एक देश से दूसरे देश में स्थानांतरित करते हैं। वीज़ा में देरी होने पर कर्मचारी अमेरिका में अपनी नई नौकरी शुरू नहीं कर पाएंगे।
परिवारों को भी लंबे इंतजार का सामना करना पड़ सकता है। कुछ आवेदकों ने पहले ही फ्लाइट बुक कर ली होगी, रहने की व्यवस्था कर ली होगी या अमेरिका में अपने रिश्तेदारों से मिलने की योजना बनाई होगी।
ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई आव्रजन जांच
यह नया कदम ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन कानूनी आव्रजन की जांच और निगरानी बढ़ा रहा है। विदेश विभाग पहले ही पब्लिक-चार्ज मूल्यांकन से जुड़े अतिरिक्त उपाय लागू कर चुका है।
एक पायलट कार्यक्रम के तहत कुछ प्रवासी वीज़ा आवेदकों को पब्लिक-चार्ज बॉन्ड हासिल करने की आवश्यकता हो सकती है।
इन उपायों ने वीज़ा प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है। अब आवेदकों को जांच प्रक्रियाओं और वीज़ा प्रक्रिया की समयसीमा, दोनों में बदलाव का सामना करना पड़ रहा है।
अदालत के झटके के बाद वीज़ा अपॉइंटमेंट पर रोक
वीज़ा अपॉइंटमेंट पर यह रोक ट्रंप प्रशासन की एक नीति को संघीय न्यायाधीश द्वारा खारिज किए जाने के कुछ ही समय बाद आई है।
उस नीति में 75 देशों के नागरिकों को प्रवासी वीज़ा जारी करने पर रोक लगाने का प्रयास किया गया था। अदालत का फैसला प्रशासन की आव्रजन नीतियों के लिए एक और कानूनी चुनौती बना।
अदालतों ने कई उपायों पर यह सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन ने अपनी कानूनी शक्तियों की सीमा से आगे जाकर कदम उठाए हैं। ऐसे में ताजा रोक ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। अमेरिकी आव्रजन प्रणाली पहले से ही बड़े नीतिगत बदलावों के दौर से गुजर रही है।
आवेदकों को क्या करना चाहिए?
जिन आवेदकों के इंटरव्यू रद्द किए गए हैं, उन्हें अपने अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से आने वाले संदेशों पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें दोबारा अपॉइंटमेंट लेने से संबंधित आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए।
आवेदकों को अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ कांसुलर अफेयर्स से मिलने वाले अपडेट भी देखते रहना चाहिए। विभाग का वीज़ा बुलेटिन प्रवासी वीज़ा की उपलब्धता और प्रोसेसिंग श्रेणियों से संबंधित जानकारी प्रदान करता है।
फिलहाल, जिन आवेदकों की अपॉइंटमेंट रद्द हुई हैं, उनके लिए दोबारा इंटरव्यू की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। ऐसे में कई परिवारों और अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे प्रवासियों को अपनी यात्रा आगे बढ़ाने से पहले लंबी देरी का सामना करना पड़ सकता है।