भारतीय पुरुष हॉकी टीम बेल्जियम और नीदरलैंड्स में आयोजित FIH
हॉकी विश्व कप 2026 में अपनी गौरवशाली विश्व कप विरासत को फिर से जीवंत करने के लिए संघर्ष कर रही है। टूर्नामेंट 15 अगस्त को शुरू हुआ और 30 अगस्त को समाप्त होगा। बेल्जियम का वाव्रे और नीदरलैंड्स का एम्स्टेलवीन मुकाबलों की मेजबानी कर रहे हैं।
भारत ने इस टूर्नामेंट में बड़ी उम्मीदों के साथ प्रवेश किया। भारतीय टीम ने आखिरी बार पुरुष हॉकी विश्व कप का खिताब 1975 में जीता था और तब से वह पांच दशक से अधिक समय से एक और विश्व खिताब का इंतजार कर रही है। 2026 के विश्व कप में प्रतियोगिता के प्रारूप में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे पूल चरण का हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
16 टीमें चार पूल में विभाजित
पुरुषों के टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें हैं, जिन्हें चार-चार टीमों के चार पूल में बांटा गया है।
पूल A
- अर्जेंटीना
- जापान
- नीदरलैंड्स
- न्यूजीलैंड
पूल B
- बेल्जियम
- फ्रांस
- जर्मनी
- मलेशिया
पूल C
- ऑस्ट्रेलिया
- स्पेन
- आयरलैंड
- दक्षिण अफ्रीका
पूल D
- इंग्लैंड
- भारत
- पाकिस्तान
- वेल्स
भारत को पूल D में अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा इंग्लैंड और वेल्स के साथ रखा गया।
क्वार्टर फाइनल के बिना नया प्रारूप
2026 विश्व कप में नया प्रारूप लागू किया गया है। पिछले संस्करणों के विपरीत इस बार अलग से क्वार्टर फाइनल चरण नहीं है।
पहले चरण में चार पूल हैं और प्रत्येक टीम अपने पूल में तीन मैच खेलती है। इसके बाद हर पूल की शीर्ष दो टीमें दूसरे चरण में पहुंचती हैं, जिसे क्रॉसओवर पूल कहा जाता है।
- पूल A और D की शीर्ष दो टीमें मिलकर पूल E बनाएंगी।
- पूल B और C की शीर्ष दो टीमें पूल F बनाएंगी।
- पूल A और D की तीसरे और चौथे स्थान की टीमें पूल G में जाएंगी।
- पूल B और C की तीसरे और चौथे स्थान की टीमें पूल H बनाएंगी।
पूल E और F की शीर्ष दो टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। बाकी टीमें पांचवें से 16वें स्थान तक की रैंकिंग तय करने के लिए वर्गीकरण मुकाबले खेलेंगी।
इसलिए 2026 टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल का कोई चरण नहीं है।
वेल्स पर जीत के साथ भारत की शुरुआत
भारत ने 15 अगस्त को एम्स्टेलवीन में वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की। भारतीय टीम ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 3-1 से जीत दर्ज की।
इस जीत से भारत को महत्वपूर्ण तीन अंक मिले और टूर्नामेंट की सकारात्मक शुरुआत हुई। हालांकि, अगली चुनौती कहीं अधिक कठिन थी।
इंग्लैंड ने भारत को पहली हार दी
भारत ने 17 अगस्त को पूल D के अपने दूसरे मैच में इंग्लैंड का सामना किया। इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हरा दिया।
इस नतीजे के बाद भारत पर दबाव बढ़ गया। इंग्लैंड पूल में शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहा, जबकि अगले चरण में पहुंचने के लिए भारत को अपने अंतिम मैच में सकारात्मक परिणाम की जरूरत थी।
इस हार के कारण पाकिस्तान के खिलाफ भारत का अंतिम पूल D मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया।
भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया
भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 19 अगस्त को हुआ। भारत ने आक्रामक हॉकी खेलते हुए पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया।
हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने दो-दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने भी गोल किया। इस जीत से भारत के छह अंक हो गए और वह इंग्लैंड के बाद पूल D में दूसरे स्थान पर रहा।
इस जीत के साथ पाकिस्तान का टूर्नामेंट अभियान भी समाप्त हो गया। भारत ने शुरुआती चरण का समापन दो जीत और एक हार के साथ किया। इंग्लैंड पूल D में पहले और भारत दूसरे स्थान पर रहा।
भारत पूल E में पहुंचा
पूल D में दूसरे स्थान पर रहने के कारण भारत क्रॉसओवर चरण के लिए पूल E में पहुंचा।
पूल E में शामिल टीमें हैं:
- नीदरलैंड्स
- अर्जेंटीना
- इंग्लैंड
- भारत
नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना पूल A से, जबकि इंग्लैंड और भारत पूल D से यहां पहुंचे। इस कारण पूल E दूसरे चरण के सबसे प्रतिस्पर्धी पूलों में से एक बन गया।
भारत पहले ही शुरुआती चरण में इंग्लैंड का सामना कर चुका था, लेकिन अब उसे नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना के खिलाफ भी खेलना था।
नीदरलैंड्स के खिलाफ कड़ी चुनौती
भारत ने 22 अगस्त को सह-मेजबान और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ पूल E अभियान की शुरुआत की।
भारत ने अनुशासित शुरुआत की और शुरुआती चरण में डच टीम के हमले को नियंत्रित रखा। हालांकि, ब्रेक के बाद नीदरलैंड्स ने धीरे-धीरे मैच पर नियंत्रण बना लिया और अंततः 3-1 से जीत दर्ज की।
भारत की ओर से एकमात्र गोल हरमनप्रीत सिंह ने किया। इस हार से भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा और अब उसे अपने अंतिम पूल E मुकाबले में शानदार वापसी की जरूरत है।
अर्जेंटीना ने भारत की उम्मीदें जिंदा रखीं
22 अगस्त को अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 3-1 से हरा दिया। इस परिणाम ने भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की गणितीय संभावना को जीवित रखा।
23 अगस्त तक नीदरलैंड्स छह अंकों के साथ पूल E में शीर्ष पर था, जबकि इंग्लैंड और अर्जेंटीना के तीन-तीन अंक थे। भारत भी दौड़ में बना हुआ है, लेकिन नीदरलैंड्स से हार के बाद उसकी स्थिति काफी कमजोर हो गई है।
भारत का पूल E का अंतिम मुकाबला अर्जेंटीना के खिलाफ है। यह हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम के लिए करो या मरो का मुकाबला बन गया है।
सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को क्या करना होगा?
भारत के लिए सेमीफाइनल की राह बेहद कठिन हो गई है। टीम को अर्जेंटीना को पर्याप्त बड़े अंतर से हराना होगा और इसके बाद नीदरलैंड्स तथा इंग्लैंड के बीच मुकाबले में अनुकूल परिणाम की उम्मीद करनी होगी।
अगर टीमें समान अंकों पर रहती हैं, तो गोल अंतर निर्णायक हो सकता है।
इसलिए भारत के लिए केवल अंतिम मैच जीतना पर्याप्त नहीं होगा। अर्जेंटीना के खिलाफ जीत का अंतर और नीदरलैंड्स बनाम इंग्लैंड मुकाबले का परिणाम—दोनों यह तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं कि भारत पूल E की शीर्ष दो टीमों में जगह बना पाता है या नहीं।
उतार-चढ़ाव से भरा भारत का अभियान
भारत के 2026 विश्व कप अभियान में अब तक शानदार प्रदर्शन और मुश्किल दौर दोनों देखने को मिले हैं।
टीम ने वेल्स के खिलाफ प्रभावशाली जीत से शुरुआत की। इसके बाद इंग्लैंड के हाथों हार मिली, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए 5-3 से जीत हासिल की।
पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ इस जीत ने भारत को दूसरे चरण में पहुंचाया। हालांकि, नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 की हार ने सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है।
अंतिम मुकाबले में भारत के रक्षात्मक संगठन और गोल करने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होगी।
भारत की आगे की राह
भारत के पास अभी भी विश्व कप अभियान जारी रखने का मौका है, लेकिन अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है।
नए विश्व कप प्रारूप ने हर मैच को महत्वपूर्ण बना दिया है। अब कोई टीम शुरुआती पूल चरण के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचने पर निर्भर नहीं रह सकती। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए उसे क्रॉसओवर पूल की शीर्ष दो टीमों में शामिल होना जरूरी है।
भारत का तत्काल लक्ष्य स्पष्ट है—अर्जेंटीना को हराना और फिर नीदरलैंड्स तथा इंग्लैंड के बीच मुकाबले में अपने पक्ष में परिणाम की उम्मीद करना।
भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद पाकिस्तान को हराकर अपनी लड़ने की क्षमता पहले ही साबित की है। अब उसे अर्जेंटीना के खिलाफ एक और मजबूत प्रदर्शन करना होगा ताकि विश्व कप सेमीफाइनल में लौटने का उसका सपना जीवित रह सके।
इस तरह बेल्जियम और नीदरलैंड्स में भारत का सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा है। यह दबाव, प्रतिद्वंद्विता, वापसी और कठिन गणित से भरा अभियान रहा है। पूल E का अंतिम मुकाबला यह तय करेगा कि भारत का विश्व कप सफर सेमीफाइनल की ओर आगे बढ़ता है या दूसरे चरण में ही समाप्त हो जाता है।
भारत का 2026 विश्व कप सफर एक नजर में
भारत का अभियान अभी जीवित है, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उसे अर्जेंटीना के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करना होगा और पूल E के दूसरे मुकाबले में अनुकूल परिणाम की भी जरूरत होगी।