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चमोली सुरंग हादसा अपडेट: मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हुई, बचाव अभियान जारी
उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन जलविद्युत सुरंग में पानी और मलबा भर जाने से सात श्रमिकों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। वहीं, बचाव दल छह लापता श्रमिकों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले में एक जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस जाने से सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हो गए।

यह हादसा गुरुवार को पिपलकोटी क्षेत्र में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) की परियोजना में हुआ। CNN-News18 की रिपोर्ट के अनुसार, बचाव दल अब भी सुरंग में फंसे छह लापता श्रमिकों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों ने शुरुआत में बताया था कि सुरंग के अंदर 22 श्रमिक फंसे हुए हैं, लेकिन बाद में पता चला कि यह संख्या इससे अधिक थी।

अधिकारियों ने अब पुष्टि की है कि हादसे में सात श्रमिकों की मौत हुई है। 11 अन्य घायल हुए हैं और उनका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। बचाव दल अब तक 22 श्रमिकों को बाहर निकाल चुका है, जबकि छह लोग अभी भी लापता हैं। सुरंग का निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) कर रही थी।

कई एजेंसियां बचाव अभियान में शामिल

हादसे के तुरंत बाद पुलिस और आपदा राहत दल घटनास्थल पर पहुंच गए। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य एजेंसियां भी बचाव अभियान में शामिल हुईं। बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सेना ने भी अभियान में सहायता के लिए अपनी टीमें तैनात कीं।

सुरंग के अंदर बचावकर्मियों को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। भारी पानी भर जाने के कारण कई हिस्सों में पानी सीने तक पहुंच गया था। NDRF के इंस्पेक्टर अमृत लाल मीणा ने बताया कि बचावकर्मी फंसे हुए श्रमिकों का पता लगाने और शवों को बाहर निकालने के लिए पानी से भरे हिस्से में दाखिल हुए।

मीणा ने मीडिया को बताया, “हम पानी के बीच से आगे बढ़े। कुछ टीम सदस्यों के पास पानी के अंदर अभियान चलाने के लिए विशेष उपकरण थे। चार शव पानी में डूबे हुए थे और सतह से दिखाई नहीं दे रहे थे। इसलिए हम अंदर गए और घटनास्थल से चारों शवों को बाहर निकाला।” बचाव दल ने उन क्षेत्रों की तलाशी के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया, जहां सतह से पहुंचकर जांच करना संभव नहीं था।

छह श्रमिक अब भी लापता

अधिकारियों को अभी तक छह श्रमिकों का पता नहीं चला है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल सुरंग में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारी अभियान पर करीब से नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दलों को बुलाने के लिए तैयार हैं।

सुरंग के अंदर पानी और मलबा जमा होने के कारण तलाशी अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। टीमें प्रभावित हिस्सों से मलबा हटाने और उन स्थानों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, जहां लापता श्रमिक फंसे हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने युद्धस्तर पर बचाव अभियान के निर्देश दिए

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे में हुई मौतों पर दुख व्यक्त किया। धामी ने हादसे पर शोक जताते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान “युद्धस्तर” पर चलाने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार ने बचाव अभियान के दौरान सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

आपातकालीन संचालन केंद्र घटनास्थल की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दलों को भी तैनात करने की तैयारी है। फिलहाल प्राथमिकता छह लापता श्रमिकों का पता लगाना, सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायल श्रमिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।