हरारे में तीन मैचों की सीरीज के तीसरे और अंतिम टी20आई मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 35 रनों से मात दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 192 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया। वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंदों पर 81 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और रिंकू सिंह ने उपयोगी छोटी पारियां खेलीं। जिम्बाब्वे के लिए ब्रैड इवांस (4 ओवर में 2/41) सबसे सफल गेंदबाज रहे।
जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 157 रन ही बना सकी और लक्ष्य से 35 रन दूर रह गई। रयान बर्ल ने 43 गेंदों पर नाबाद 54 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उनकी कोशिश टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी। भारत की ओर से मयंक यादव (4 ओवर में 3/29) सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे, जबकि यश ठाकुर ने भी दो विकेट हासिल किए।
इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इस जीत ने यह भी सुनिश्चित किया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार के बाद थोड़े समय के लिए नंबर-1 स्थान गंवाने के बाद भारत ICC टी20आई रैंकिंग में फिर से शीर्ष स्थान पर बना रहे।
सूर्यवंशी की शानदार 81 रनों की पारी ने संभाली भारत की पारी
दूसरे टी20आई में इस्तेमाल की गई धीमी पिच पर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत एक बार फिर खराब रही, जब अभिषेक शर्मा सस्ते में आउट हो गए। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन ने दूसरे विकेट के लिए शानदार 75 रनों की साझेदारी कर पारी को संभाल लिया। दोनों ने सिर्फ 50 गेंदों में ये रन जोड़े।
पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी, लेकिन सूर्यवंशी ने शानदार तरीके से परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला। शुरुआत से आक्रामक खेलने के बजाय उन्होंने धैर्य के साथ पारी बनाई और सही समय पर तेजी से रन बटोरे।
युवा बल्लेबाज ने 49 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी पारी का अंत तब हुआ जब ब्रैड इवांस ने लॉन्ग-ऑफ पर दौड़ते हुए शानदार कैच पकड़ा।
मुश्किल पिच पर सूर्यवंशी ने दिखाई परिपक्वता
अपनी पिछली आक्रामक पारियों से अलग, सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में ज्यादा संतुलित अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो उनके छोटे से टी20 करियर का दूसरा सबसे धीमा अर्धशतक था।
ब्लेसिंग मुजरबानी की असहज उछाल वाली गेंदों का सामना करने के बावजूद उन्होंने शानदार टाइमिंग के साथ पुल, ड्राइव और कट शॉट लगाए। सिकंदर रजा की गेंद पर 103 मीटर का विशाल छक्का लगाने के बाद वह 80 के आंकड़े तक पहुंचे। परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को बदलने की उनकी क्षमता ने उनकी बढ़ती परिपक्वता को दिखाया।
मध्यक्रम ने भारत को 200 के करीब पहुंचाया
ईशान किशन ने 26 गेंदों पर 29 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन सिकंदर रजा ने उन्हें आउट कर दिया। धीमी पिच पर शुरुआत में संघर्ष करने के बाद श्रेयस अय्यर ने लय हासिल की और 18 गेंदों पर 27 रन बनाए, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बाउंड्री शामिल थीं।
इसके बाद रिंकू सिंह ने तेजतर्रार अंदाज में सिर्फ 14 गेंदों पर 25 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। भारत ने अंत में 5 विकेट पर 192 रनों का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। हालांकि, जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में धीमी गेंदों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए रन गति को नियंत्रित किया।
जिम्बाब्वे लक्ष्य का मजबूत पीछा करने में नाकाम रहा
जिम्बाब्वे की लक्ष्य का पीछा करने की शुरुआत खराब रही, जब मयंक यादव ने सीरीज में दूसरी बार पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर दिया।
तेज गेंदबाज मयंक यादव ने करीब 147 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की और एक आउटस्विंग गेंद पर बेनेट का बाहरी किनारा हासिल किया। वैभव सूर्यवंशी ने पहली स्लिप में शानदार कैच पकड़कर उनका विकेट पूरा किया।
मयंक की रफ्तार ने जिम्बाब्वे के शीर्ष क्रम को लगातार परेशान किया, जबकि यश ठाकुर ने पावरप्ले के दौरान दो गेंदों में दो विकेट लेकर मेजबान टीम को भारी दबाव में डाल दिया।
मयंक यादव और यश ठाकुर ने संभाला भारत का गेंदबाजी आक्रमण
मयंक यादव ने एक बार फिर अपनी तेज रफ्तार और सटीक गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और 3 विकेट लेकर शानदार आंकड़े दर्ज किए। उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। यश ठाकुर ने भी कुछ महंगे ओवर डालने के बावजूद अहम योगदान दिया और 2 विकेट झटके। उन्होंने 4 ओवर में 45 रन देकर 2 विकेट लिए। दोनों गेंदबाजों ने सुनिश्चित किया कि लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की टीम कभी लय हासिल न कर सके।
रयान बर्ल का अर्धशतक गया बेकार
रयान बर्ल ने जिम्बाब्वे के लिए अकेले संघर्ष करते हुए नाबाद 54 रनों की पारी खेली। उन्होंने 42 गेंदों में अपना पांचवां टी20आई अर्धशतक पूरा किया। वेस्ली मधेवेरे ने 28 रनों का योगदान दिया और दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी की।
हालांकि, जब दोनों बल्लेबाज क्रीज पर आए, तब तक जरूरी रन रेट 10 रन प्रति ओवर से ऊपर जा चुका था और लगातार बढ़ता रहा। दोनों बल्लेबाजों को कैच छूटने के कारण जीवनदान भी मिला, लेकिन इसके बावजूद जिम्बाब्वे कभी भी भारत के लक्ष्य को गंभीर चुनौती नहीं दे सका और उसकी पारी 7 विकेट पर 157 रनों पर समाप्त हुई।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
भारत (IND): 192/5 (20)
वैभव सूर्यवंशी 81(49), ईशान किशन 29(26), श्रेयस अय्यर 27(18);
ब्रैड इवांस 2/41(4), ब्लेसिंग मुजरबानी 1/33(4)
जिम्बाब्वे (ZIM): 157/7 (20)
रयान बुरी 54*(43), वेस्ली मधेवेरे 28(25), बेन करन 20(19);
मयंक यादव 3/29(4), यश ठाकुर 2/45(4)
प्लेयर ऑफ द मैच: वैभव सूर्यवंशी
प्लेयर ऑफ द सीरीज: वैभव सूर्यवंशी
भारत ने हरारे में खेले गए तीसरे और अंतिम मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रनों से हराकर तीन मैचों की टी20आई सीरीज में 3-0 से शानदार जीत दर्ज की। युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर शानदार फॉर्म जारी रखते हुए अर्धशतक लगाया, जबकि तेज गेंदबाज मयंक यादव और यश ठाकुर ने प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत पक्की की।
भारत ने पूरे दौरे में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मैच गंवाए सीरीज अपने नाम की। बल्लेबाजी में वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर सबसे प्रभावी खिलाड़ी रहे, जबकि मयंक यादव और यश ठाकुर ने गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की।
हालांकि, इस शानदार जीत के बावजूद भारत की फील्डिंग एक बार फिर गलत कारणों से चर्चा में रही। जिम्बाब्वे की पारी के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने पांच आसान कैच छोड़े, जिनमें अकेले यश ठाकुर की गेंदबाजी पर तीन मौके शामिल थे। मैदान पर बार-बार होने वाली ये गलतियां टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, भले ही भारत बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपना दबदबा बनाए हुए है।
इस क्लीन स्वीप के साथ भारत ने न केवल विदेशी धरती पर एक और टी20आई सीरीज जीत हासिल की, बल्कि आगामी मुकाबलों से पहले ICC टी20आई रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान भी बरकरार रखा। नियमित अपडेट के लिए JUSZNEWS के साथ जुड़े रहें!
