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लवलीना बोरगोहेन ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का पहला पदक पक्का किया
भारत ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की, क्योंकि मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश के साथ देश का पहला पदक पक्का कर लिया।

भारत ने आधिकारिक रूप से प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला पदक पक्का कर लिया है। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिला 75 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा के सेमीफाइनल में बाई मिलने के बाद कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है।

2026 राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत 23 जुलाई को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होगी। उद्घाटन समारोह 24 जुलाई की आधी रात के बाद आयोजित किया जाएगा। हालांकि, भारत के पदकों की गिनती लवलीना के सीधे अंतिम चार में पहुंचने के साथ ही शुरू हो गई है।

लवलीना को सेमीफाइनल में मिली सीधी एंट्री

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को क्वार्टरफाइनल में मुकाबला नहीं करना पड़ा। उन्हें बाई मिला क्योंकि महिला 75 किग्रा वर्ग में केवल पांच मुक्केबाज हैं। राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी में हर सेमीफाइनलिस्ट को पदक की गारंटी होती है। इस वजह से लवलीना ने पहले ही कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है।

ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री और तुवालू की तारोना खानुम बदी पासोनी ताफाकी को भी बाई मिला और वे सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं। वहीं, इंग्लैंड की मैरी-केट स्मिथ का सामना नाइजीरिया की पैट्रिशिया म्बाटा से डिवीजन के एकमात्र क्वार्टरफाइनल में होगा। इस मुकाबले की विजेता सेमीफाइनल की आखिरी जगह हासिल करेगी।

सेमीफाइनल में तुवालू की ताफाकी से भिड़ेंगी लवलीना

लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में तारोना खानुम बदी पासोनी ताफाकी से मुकाबला करेंगी। ताफाकी की उम्र केवल 20 साल है। वह अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। उनके भाई पासोनी ताफाकी भी पुरुष 70 किग्रा मुक्केबाजी प्रतियोगिता में तुवालू का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अगर लवलीना सेमीफाइनल जीत जाती हैं तो वह स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, हारने पर भी वह कांस्य पदक अपने नाम करेंगी।

भारतीय मुक्केबाज की वापसी पर नजर

लवलीना 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के निराशाजनक प्रदर्शन की यादों को पीछे छोड़ना चाहेंगी। उन्होंने बर्मिंघम में महिला 70 किग्रा वर्ग में हिस्सा लिया था। हालांकि, वह क्वार्टरफाइनल में वेल्स की रोजी एक्लेस से 3-2 के करीबी स्प्लिट डिसीजन से हार गई थीं।

यह मुकाबला काफी करीबी था, लेकिन शुरुआती दो राउंड में एक्लेस बेहतर नजर आ रही थीं। हालांकि, जजों ने स्प्लिट डिसीजन के जरिए दोनों राउंड लवलीना के पक्ष में दे दिए। दूसरे राउंड में होल्डिंग के कारण लवलीना को एक अंक की पेनल्टी भी मिली थी। एक्लेस ने आखिरी राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और स्प्लिट डिसीजन से मुकाबला 3-2 से जीत लिया।

भारत ने की शुरुआती बढ़त हासिल

भारत ने अभी तक 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में प्रतिस्पर्धा शुरू नहीं की है। इसके बावजूद देश ने अपना पहला पदक पक्का कर लिया है। सेमीफाइनल में लवलीना की जगह ने भारत को कम से कम एक कांस्य पदक की गारंटी दे दी है और खेलों के आधिकारिक रूप से शुरू होने से पहले ही भारतीय दल को शुरुआती बढ़ावा मिल गया है।