वेनेजुएला के तटीय राज्य ला गुआइरा में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के पांच दिन बाद बचाव अभियान अब जीवित बचे लोगों की तलाश से हटकर शवों को निकालने पर केंद्रित हो गया है। समय बीतने के साथ अधिकारियों का मानना है कि मलबे के नीचे से और लोगों के जीवित मिलने की संभावना बेहद कम होती जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में अधिकारी अब भी राहत और बरामदगी अभियान चला रहे हैं, जबकि हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं।
अस्थायी शवगृह में पहुंचाए गए सैकड़ों पीड़ितों के शव
बढ़ती संख्या में मृतकों को संभालने के लिए अधिकारियों ने ला गुआइरा बंदरगाह के एक गोदाम में अस्थायी शवगृह बनाया है। एएफपी के अनुसार, फॉरेंसिक विशेषज्ञ शवों की पहचान करने में जुटे हैं, जबकि सैकड़ों शवों को सफेद और काले बैगों तथा ताबूतों में रखा गया है।
इस सुविधा केंद्र के बाहर शोक में डूबे परिवार अपने रिश्तेदारों की जानकारी मिलने की उम्मीद में जमा हुए हैं।
विल्कर मोलाला ने एएफपी को बताया, "मेरे घर में 11 लोग थे; हममें से केवल दो लोग बच पाए क्योंकि हम काम पर थे। मेरा परिवार वहीं है। मुझे बताया गया है कि मेरी बहन और उसके बच्चे वहां हैं, साथ ही मेरे भाई के बच्चे भी।"
अमेरिकी सेना ने महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग बहाल किए
अमेरिकी सेना ने बताया कि उसके मरीन जवानों ने वेनेजुएला के दो प्रमुख बंदरगाहों में से एक की मरम्मत कर दी है, जिससे मानवीय सहायता और भारी उपकरण भूकंप प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच सके।
अमेरिकी सेना के अनुसार, ला गुआइरा बंदरगाह अब पूरी तरह से चालू हो गया है। यूएसएस फोर्ट लॉडरडेल ने प्रभावित समुदायों तक आपातकालीन सामग्री और राहत उपकरण पहुंचाना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी वायुसेना के कर्मचारी काराकस के पास स्थित सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन को बहाल करने में भी मदद कर रहे हैं, जिसे भूकंप के दौरान नुकसान पहुंचा था। शनिवार को इस हवाई अड्डे से सीमित रूप से मालवाहक और मानवीय सहायता उड़ानें फिर शुरू हुईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई।
बचाव दलों ने एक व्यक्ति को जीवित बचाया
हालांकि बचाव के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले 72 घंटे का समय पहले ही बीत चुका है, लेकिन सोमवार को आपातकालीन कर्मियों को एक दुर्लभ सफलता मिली।बचावकर्मियों ने पास के तानागुआरेना शहर में मलबे के नीचे दबे 21 वर्षीय आरोन लेवी को जीवित बाहर निकाला। वीडियो फुटेज में कई दिनों की तलाश के बाद बचाव दलों को कठिन अभियान चलाते हुए देखा गया।
यह सफल बचाव व्यापक तबाही के बीच उम्मीद की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण किरण लेकर आया।मृतकों की संख्या 1,700 के पार पहुंची
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि आधिकारिक रूप से मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,719 हो गई है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने अतिरिक्त मानवीय सहायता देने की घोषणा की है।
संयुक्त राष्ट्र के देश समन्वयक जियानलुका रैम्पोला डेल टिंडारो ने कहा कि संगठन राहत और शव बरामदगी अभियान में मदद के लिए वेनेजुएला को 10,000 बॉडी बैग उपलब्ध कराएगा। जियानलुका रैम्पोला डेल टिंडारो ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह बेहद दुखद है और हम वास्तव में उम्मीद करते हैं कि मृतकों की संख्या इससे कम ही हो।"
लगातार झटकों के बीच हजारों लोग घायल
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों में कम से कम 3,150 लोग घायल हुए हैं। इन झटकों का असर पड़ोसी देश कोलंबिया तक महसूस किया गया और यह भूकंप वेनेजुएला में 100 से अधिक वर्षों में आए सबसे घातक भूकंप साबित हुए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (US Geological Survey) के अनुसार, सोमवार सुबह 4.6 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इस ताजा आफ्टरशॉक से कमजोर हो चुकी इमारतों के गिरने की आशंका और बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय सहायता लगातार बढ़ रही
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने वेनेजुएला के लिए अपनी मदद बढ़ा दी है। रैम्पोला डेल टिंडारो ने बताया कि 27 देशों ने स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 40 से अधिक खोज और बचाव दल भेजे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कम से कम 2,500 इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से ज्यादातर पूरी तरह ढह गई हैं।
सोमवार को अमेरिका ने अपनी वित्तीय सहायता को 150 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 300 मिलियन डॉलर कर दिया। इस साल की शुरुआत में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के हटने के बाद से वेनेजुएला में वाशिंगटन की भूमिका काफी सक्रिय रही है।
बचावकर्मियों ने बताई दिल दहला देने वाली स्थिति
कुछ सफल बचाव अभियानों के बावजूद, स्वयंसेवकों का कहना है कि कई अभियान दुखद परिणामों के साथ समाप्त हुए। 27 वर्षीय बचाव स्वयंसेवक लुइस सालास ने ढही हुई इमारतों में तलाश अभियान के भावनात्मक प्रभाव का वर्णन किया।
उन्होंने कहा, "सबसे कठिन पल वह था जब हमें उन सुरंगों में उम्मीद महसूस हुई, जहां हम रेंगते हुए गए, मलबा हटाया और पूरे दिल तथा विश्वास के साथ काम किया। लेकिन जब हम अपने लक्ष्य तक पहुंचे, तो हमने उन्हें बेजान पाया।"
धीमी प्रतिक्रिया को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ा
बचाव कार्यों में देरी को लेकर जीवित बचे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका मानना है कि अधिकारियों ने बहुत धीमी प्रतिक्रिया दी। टुकाकास में स्वयंसेवक एडुआर्डो कार्डोजो ने कहा कि अगर बचाव दल समय पर पहुंच जाते तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा, "यह जानना बहुत निराशाजनक था कि कुछ पीड़ितों को बचाया जा सकता था, अगर समय रहते उनकी तलाश की जाती।"
रविवार को गुस्साए स्थानीय लोगों ने सैनिकों का सामना किया और उनसे बचाव अभियानों में मदद करने की मांग की। एक व्यक्ति ने सैनिकों से कहा, "देश को आपकी जरूरत है। अपना हथियार नीचे रखिए।"
लूटपाट ने संकट को और बढ़ाया
इस आपदा के बाद ला गुआइरा शहर में बड़े पैमाने पर लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि कमी बढ़ने के कारण लोगों ने दवाइयों की दुकानों, सुपरमार्केट और अन्य व्यवसायों को लूटा।
कई पीड़ितों ने सरकारी सहायता पहुंचने में देरी की आलोचना की और कहा कि आपातकालीन मदद अभी भी पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के घर नष्ट हो गए हैं, उनके लिए अस्थायी शिविर बनाए जा रहे हैं।
लाखों लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत पड़ सकती है
संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि मानवीय संकट और बढ़ सकता है। जनसंख्या आंकड़ों और तबाही के स्तर के आधार पर एजेंसी का अनुमान है कि 6.76 मिलियन तक लोगों को सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है।
वेनेजुएला अपने आधुनिक इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। ऐसे में कई जीवित बचे लोगों को आपातकालीन आश्रय, स्वच्छ पानी, स्वच्छता सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी राहत सामग्री की आवश्यकता होगी।