हैरी केन की प्रेरणादायी कप्तानी पारी की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप L मुकाबले में पनामा को 2-0 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। इंग्लैंड के कप्तान ने विश्व कप में अपना रिकॉर्ड 11वां गोल दागकर टूर्नामेंट में देश के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जबकि जूड बेलिंगहम ने एक गोल और एक असिस्ट के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
मैच शुरू होने से पहले ही इंग्लैंड राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालीफाई कर चुका था, लेकिन इस जीत के साथ टीम ने ग्रुप में पहला स्थान सुनिश्चित किया और अब नॉकआउट चरण में उसका सामना सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में से एक से होगा।
पनामा की आत्मविश्वास भरी शुरुआत
टूर्नामेंट की मजबूत दावेदार टीमों में से एक इंग्लैंड के खिलाफ पनामा ने बिना किसी डर के खेल की शुरुआत की। मैच शुरू होने के केवल 10 सेकंड बाद ही टोमास रोड्रिगेज ने लंबी दूरी से शॉट लगाकर जॉर्डन पिकफोर्ड की परीक्षा ली, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने गेंद को आसानी से अपने कब्जे में ले लिया।
इंग्लैंड ने तुरंत जवाब दिया। मार्कस रैशफोर्ड के शानदार कर्लिंग शॉट को गोलकीपर ऑरलांडो मॉस्केरा ने बेहतरीन बचाव के साथ रोक दिया। इसके बाद बुकायो साका और जूड बेलिंगहम भी गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन गेंद पर अधिक नियंत्रण रखने के बावजूद इंग्लैंड पनामा की अनुशासित रक्षापंक्ति को भेदने में सफल नहीं हो सका।
हाफ टाइम से पहले पनामा ने भी दी चुनौती
पनामा ने जवाबी हमलों में लगातार खतरा पैदा किया। जोसे लुइस रोड्रिगेज ने बाएं फ्लैंक पर जारेल क्वांसाह को पछाड़ते हुए निचला शॉट गोल के निचले कोने की ओर लगाया, लेकिन जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार प्रतिक्रिया दिखाते हुए गेंद को दूर धकेल दिया।
दूसरी ओर इंग्लैंड ने भी कई मौके बनाए। मार्कस रैशफोर्ड का नज़दीक से लगाया गया हेडर गोल के ऊपर निकल गया, जबकि बाद में उनकी खतरनाक फ्री-किक भी पोस्ट के बेहद करीब से बाहर चली गई। पूरे पहले हाफ में गेंद पर दबदबा बनाए रखने के बावजूद इंग्लैंड गोल करने में नाकाम रहा।
बेलिंगहम ने तोड़ा गोल का इंतजार
दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने कहीं अधिक आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू किया। जोसे लुइस रोड्रिगेज ने एक बार फिर शानदार कर्लिंग शॉट लगाया, जो मामूली अंतर से क्रॉसबार के ऊपर निकल गया। इसके कुछ देर बाद हैरी केन के दमदार प्रयास को ऑरलांडो मॉस्केरा ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया।
आखिरकार 62वें मिनट में इंग्लैंड को बढ़त मिल ही गई। बुकायो साका ने बाईं ओर से बेहतरीन कॉर्नर लिया और छह गज के बॉक्स के भीतर जूड बेलिंगहम ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल के निचले कोने में पहुंचा दिया। इस गोल ने इंग्लैंड के लगातार बनाए गए दबाव को सफलता में बदला और मुकाबले का रुख पूरी तरह उनकी ओर मोड़ दिया।
हैरी केन ने रचा विश्व कप इतिहास
इंग्लैंड के पहला गोल करने के केवल पांच मिनट बाद ही हैरी केन ने अपना नाम विश्व कप के रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया। जूड बेलिंगहम ने पेनल्टी बॉक्स में शानदार क्रॉस दिया, जिस पर केन ने डिफेंडरों से ऊपर उठकर दमदार हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
यह गोल इंग्लैंड के लिए विश्व कप में हैरी केन का 11वां गोल था, जिसके साथ वह टूर्नामेंट में देश के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा, वह विश्व कप के अलग-अलग संस्करणों में पनामा के खिलाफ कुल चार गोल करने वाले इंग्लैंड के पहले खिलाड़ी भी बन गए।
पनामा का सांत्वना गोल भी नहीं गिना गया
नोनी माडुएके इंग्लैंड के लिए तीसरा गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन ऑरलांडो मॉस्केरा ने एक और शानदार बचाव किया। इंजरी टाइम में पनामा को लगा कि उसने आखिरकार टूर्नामेंट का अपना पहला गोल कर लिया है।
जोसे फजार्डो ने एरिक डेविस के क्रॉस पर शानदार फिनिश किया, लेकिन सहायक रेफरी ने तुरंत ऑफसाइड का झंडा उठा दिया। इसके बाद गोल रद्द कर दिया गया और पनामा पूरे विश्व कप अभियान में बिना कोई गोल किए ही टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
बेलिंगहम का दमदार प्रदर्शन, इंग्लैंड ग्रुप में शीर्ष पर
हालांकि हैरी केन ने अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड के कारण सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जूड बेलिंगहम ने भी एक और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। रियल मैड्रिड के मिडफील्डर ने एक गोल किया और एक गोल में असिस्ट भी दिया। इसके साथ ही वह 1966 के बाद विश्व कप के एक ही मैच में गोल करने और असिस्ट देने वाले इंग्लैंड के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।
दूसरे हाफ में इंग्लैंड का खेल काफी तेज और प्रभावी रहा। टीम ने पूरे मैच में 17 शॉट लगाए और उसका एक्सपेक्टेड गोल्स (xG) आंकड़ा 1.40 रहा। दूसरी ओर, पनामा ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए 13 प्रयास किए, लेकिन वह गोल करने में सफल नहीं हो सका।
ग्रुप L की विजेता के रूप में इंग्लैंड अब फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश करेगा, जबकि पनामा बिना कोई गोल किए साहसिक अभियान के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
