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फीफा विश्व कप 2026: बोसनिया ने कतर पर 3-1 की अहम जीत के साथ अंतिम-32 की उम्मीदें बरकरार रखीं
बोसनिया और हर्जेगोविना ने कतर को 3-1 से हराकर फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवित रखा। किशोर स्टार करीम अलाजबेगोविच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई, जबकि एशियाई चैंपियन कतर बिना कोई जीत दर्ज किए टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

बोसनिया और हर्जेगोविना ने बुधवार को सिएटल में खेले गए अपने अंतिम ग्रुप बी मुकाबले में कतर को 3-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 में नॉकआउट चरण में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा। इस जीत के साथ बोस्निया के पास टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होकर अंतिम-32 में पहुंचने का मौका बना हुआ है। वहीं, कतर की हार के साथ उसका अभियान समाप्त हो गया और विश्व कप में पहली जीत का इंतजार भी जारी रहा।

बोसनिया की जीत में युवा स्टार करीम अलाजबेगोविच और एरमिन माहमिक के गोलों के साथ-साथ कतर के डिफेंडर सुल्तान अल-ब्रेक के आत्मघाती गोल की अहम भूमिका रही। कतर के कप्तान हसन अल-हैदोस ने अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल किया, लेकिन उनका प्रयास टीम को हार से नहीं बचा सका।

बोसनिया ने तीन मैचों में चार अंकों के साथ ग्रुप बी में तीसरा स्थान हासिल किया। अब उसे अन्य समूहों के नतीजों का इंतजार करना होगा ताकि यह तय हो सके कि वह तीसरे स्थान वाली टीमों के लिए उपलब्ध आठ नॉकआउट स्थानों में से एक हासिल कर पाता है या नहीं।

करीम अलाजबेगोविच बने जीत के नायक

मैच से पहले अनुभवी स्ट्राइकर एडिन जेको के 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच को लेकर काफी चर्चा थी, लेकिन 18 वर्षीय करीम अलाजबेगोविच ने शानदार प्रदर्शन कर सारी सुर्खियां बटोर लीं। बोसनिया के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में गिने जाने वाले अलाजबेगोविच ने अपने शानदार खेल से भविष्य की बड़ी संभावनाओं की झलक दिखाई।

बोसनिया ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कतर पर दबाव बनाया। गोलकीपर महमूद अबुनादा को शुरुआती चरण में दो महत्वपूर्ण बचाव करने पड़े, जबकि बोसनिया गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए लगातार मौके बनाता रहा। कतर ने कुछ जवाबी हमले किए, लेकिन मैच की गति पर बोस्निया का ही नियंत्रण रहा।

शानदार गोल से बोसनिया को बढ़त

बोसनिया के लगातार दबाव का फल 29वें मिनट में मिला। अलाजबेगोविच ने बाएं छोर पर गेंद हासिल की, फिर कई रक्षकों को छकाते हुए अंदर की ओर बढ़े और दूर से जोरदार शॉट लगाया। उनका शानदार प्रयास अबुनादा की पहुंच से बाहर रहा और सीधे गोल में चला गया।

इस बेहतरीन गोल ने दिखा दिया कि क्यों यूरोप के कई बड़े क्लबों की नजर इस युवा खिलाड़ी पर है।

आत्मघाती गोल से बोसनिया की बढ़त दोगुनी

बोसनिया ने सिर्फ पांच मिनट बाद अपनी बढ़त 2-0 कर ली। एडिन जेको ने क्रॉस पर शानदार हाफ-वॉली लगाई, लेकिन गेंद को रोकने की कोशिश में कतर के डिफेंडर सुल्तान अल-ब्रेक ने अनजाने में उसे अपने ही गोल में पहुंचा दिया।

इस आत्मघाती गोल ने बोसनिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कुछ देर बाद जेको तीसरा गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास पोस्ट से टकरा गया।

हाफ टाइम से पहले कतर की वापसी

पोस्ट से टकराई उस गेंद के बाद कतर ने आक्रामकता बढ़ाई और मुकाबले में वापसी की कोशिश की। टीम ने लगातार हमले शुरू किए और बोसनिया की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया।

42वें मिनट में कतर को इसका इनाम मिला। एडमिल्सन जूनियर ने बॉक्स के अंदर सटीक पास दिया, जिसे कप्तान हसन अल-हैदोस ने नजदीक से गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया।

इसके कुछ ही क्षण बाद राइट-बैक मिगुएल का शक्तिशाली शॉट पोस्ट से टकरा गया और कतर बराबरी करने से चूक गया। एशियाई चैंपियन ने पहला हाफ मजबूती से समाप्त किया और वापसी की उम्मीदों के साथ ब्रेक में गया।

बोसनिया ने बढ़त बचाने पर दिया जोर

बोसनिया के पास ग्रुप में दूसरे स्थान पर पहुंचने की गणितीय संभावना अभी भी थी, लेकिन इसके लिए उसे बड़े अंतर से जीत और दूसरे मैचों में अनुकूल नतीजों की जरूरत थी। दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड ने कनाडा के खिलाफ बढ़त बना ली थी।

ऐसे में बोसनिया ने अधिक गोल करने की बजाय अपनी बढ़त सुरक्षित रखने की रणनीति अपनाई। टीम ने दूसरे हाफ में अनुशासित रक्षा करते हुए कतर के हमलों को लगातार विफल किया।

कतर बराबरी के लिए प्रयास करता रहा, लेकिन बोसनिया की रक्षा पंक्ति बेहद संगठित रही। अकरम अफीफ एक बार गोल के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास साइड नेटिंग में चला गया।

माहमिक ने जीत पर लगाई मुहर

मैच के अंतिम चरण में बोसनिया ने निर्णायक प्रहार किया। 83वें मिनट में एरमिन माहमिक ने मिले अवसर का शानदार फायदा उठाया और शांत दिमाग से गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 3-1 कर दिया।

इस गोल ने कतर की वापसी की सारी उम्मीदें समाप्त कर दीं। इसके बाद भी कतर ने आक्रमण जारी रखा और अधिक खिलाड़ियों को आगे भेजा, लेकिन फिनिशिंग की कमी उसके रास्ते में बाधा बनती रही।

बिना जीत के टूर्नामेंट से बाहर हुआ कतर

अंतिम सीटी के साथ कतर के लिए एक और निराशाजनक विश्व कप अभियान समाप्त हो गया। दो बार का एशियाई चैंपियन होने के बावजूद टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी और ग्रुप चरण में ही बाहर हो गई।

इस हार के साथ विश्व कप में पहली जीत हासिल करने का उसका इंतजार और लंबा हो गया।

बोसनिया को अब अन्य नतीजों का इंतजार

बोसनिया और हर्जेगोविना के लिए यह जीत उम्मीदों को जिंदा रखने वाली साबित हुई। तीन मैचों में चार अंकों के साथ टीम फिलहाल बेहतर तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल है।

अब उसकी किस्मत अन्य समूहों के परिणामों पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में टीम और उसके समर्थक बाकी मुकाबलों पर नजर रखेंगे, इस उम्मीद के साथ कि कतर पर मिली यह महत्वपूर्ण जीत उन्हें पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचाने के लिए पर्याप्त साबित होगी।