दक्षिण कोरिया ने शानदार वापसी करते हुए एस्टादियो ग्वाडलाहारा में खेले गए ग्रुप ए के अहम मुकाबले में चेकिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत कर लिया।
दूसरे हाफ में पिछड़ने के बाद एशियाई टीम ने शानदार जुझारूपन और गुणवत्ता का प्रदर्शन किया। ह्वांग इन-बोम और स्थानापन्न खिलाड़ी ओह ह्योन-ग्यू के गोलों ने मैच का रुख पलट दिया और टीम को तीन महत्वपूर्ण अंक दिलाए।
पहला हाफ रहा गोलरहित
मैच के शुरुआती 45 मिनट दोनों टीमों के बीच रणनीतिक मुकाबले के रूप में देखने को मिले। दक्षिण कोरिया ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड से आत्मविश्वास के साथ खेल संचालित किया, जबकि चेकिया ने रक्षात्मक मजबूती दिखाते हुए जवाबी हमलों पर मौके बनाने की कोशिश की।
हालांकि स्पष्ट गोल करने के मौके कम बने, लेकिन दक्षिण कोरिया अधिक प्रभावशाली नजर आया। टीम ने अधिक समय तक गेंद अपने पास रखी, ज्यादा पास पूरे किए और लंबे समय तक आक्रमण क्षेत्र में दबाव बनाए रखा।
इसके बावजूद दोनों टीमें हाफ टाइम तक गोल करने में असफल रहीं और स्कोर 0-0 रहा।
चेकिया ने पहले बनाई बढ़त
दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद मैच में जान आ गई। 59वें मिनट में खेल के विपरीत चेकिया ने बढ़त हासिल कर ली। डिफेंडर लादिस्लाव क्रेइची ने व्लादिमीर कूफाल के पास का फायदा उठाते हुए नजदीक से गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई।
इस गोल ने चेकिया को बड़ा फायदा पहुंचाया और दक्षिण कोरिया पर दबाव बढ़ा दिया।
बदलावों ने बदली कोरिया की किस्मत
दक्षिण कोरिया ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। 63वें मिनट में ह्वांग ही-चान को ली जे-सुंग की जगह मैदान पर उतारा गया ताकि आक्रमण में नई ऊर्जा लाई जा सके। इस बदलाव से कोरियाई टीम के हमलों की गति बढ़ी और जल्द ही उसका फायदा भी मिला।
ह्वांग इन-बोम ने दिलाई बराबरी
67वें मिनट में दक्षिण कोरिया ने बराबरी का गोल दाग दिया। ली कांग-इन ने शानदार पास देकर चेकिया की रक्षा पंक्ति को भेद दिया। ह्वांग इन-बोम ने सही समय पर दौड़ लगाते हुए शांतिपूर्वक फिनिश किया और स्कोर 1-1 कर दिया।
इस गोल के बाद मैच का पूरा नियंत्रण दक्षिण कोरिया के पक्ष में चला गया और खिलाड़ियों के साथ-साथ समर्थकों में भी नया जोश भर गया।
VAR ने चेकिया का गोल किया रद्द
78वें मिनट में मैच का एक बड़ा मोड़ आया। चेकिया को लगा कि उसने फिर से बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने समीक्षा के बाद गोल को अमान्य घोषित कर दिया।
इस फैसले ने स्कोर बराबरी पर बनाए रखा और दक्षिण कोरिया को राहत प्रदान की।
ओह ह्योन-ग्यू ने किया विजयी गोल
दक्षिण कोरिया ने इस अवसर का पूरा फायदा उठाया। कोच ने 69वें मिनट में एक और साहसिक फैसला लेते हुए कप्तान सोन ह्युंग-मिन की जगह स्ट्राइकर ओह ह्योन-ग्यू को मैदान पर उतारा।
यह बदलाव निर्णायक साबित हुआ। 80वें मिनट में ह्वांग इन-बोम ने बॉक्स के अंदर सटीक पास दिया और ओह ह्योन-ग्यू ने शानदार फिनिश करते हुए दक्षिण कोरिया को 2-1 की बढ़त दिला दी।
टीम की इस शानदार वापसी पर कोरियाई बेंच खुशी से झूम उठी।
दबाव में भी डटी रही कोरियाई रक्षा पंक्ति
मैच के अंतिम मिनटों में चेकिया ने बराबरी का गोल करने के लिए जोरदार प्रयास किए। हालांकि दक्षिण कोरिया की रक्षा पंक्ति अनुशासित और संगठित बनी रही। अतिरिक्त समय में ली गी-ह्युक को पीला कार्ड मिला, लेकिन इसके बावजूद कोरिया ने अपनी बढ़त सुरक्षित रखी।
अंतिम सीटी बजते ही कोरियाई खिलाड़ियों ने इस महत्वपूर्ण जीत का जश्न मनाया, जो क्वालीफिकेशन की दौड़ में बेहद अहम साबित हो सकती है।
आंकड़ों में दिखा दक्षिण कोरिया का दबदबा
मैच के आंकड़े भी दक्षिण कोरिया के नियंत्रण को दर्शाते हैं। टीम ने चेकिया के 8 शॉट्स के मुकाबले 15 शॉट्स लगाए। दक्षिण कोरिया के 7 शॉट लक्ष्य पर रहे और टीम ने 62 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा।
कोरिया ने 87 प्रतिशत सटीकता के साथ 473 पास पूरे किए, जबकि चेकिया ने 70 प्रतिशत सटीकता के साथ 314 पास पूरे किए। ये आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण कोरिया ने पूरे मैच में खेल की गति और नियंत्रण अपने हाथ में रखा।
ह्वांग इन-बोम रहे मैच के हीरो
ह्वांग इन-बोम मैच के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी साबित हुए। उन्होंने बराबरी का गोल किया और विजयी गोल के लिए असिस्ट भी दिया। ली कांग-इन ने अपनी रचनात्मकता और दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि ओह ह्योन-ग्यू ने एक बार फिर बतौर सब्स्टीट्यूट अपनी उपयोगिता साबित करते हुए निर्णायक गोल दागा।
हालांकि सोन ह्युंग-मिन गोल नहीं कर सके, लेकिन उनकी मूवमेंट और नेतृत्व क्षमता ने पूरे समय चेक रक्षा पंक्ति के लिए मुश्किलें खड़ी कीं।
निराश हुआ चेकिया
चेकिया इस मुकाबले को निराशा के साथ याद करेगा। टीम ने लंबे समय तक अच्छी रक्षा की और अंतिम आधे घंटे से पहले तक बढ़त बनाए रखी थी।
हालांकि रद्द किया गया गोल और चूके हुए मौके उसके लिए महंगे साबित हुए। प्रमुख आक्रमणकारी खिलाड़ी पैट्रिक शिक और पावेल शुल्त्स पूरे मैच में निरंतर प्रभाव छोड़ने में असफल रहे।
दक्षिण कोरिया को मिला बड़ा बढ़ावा
इस जीत से दक्षिण कोरिया को ग्रुप चरण में महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। इससे भी अहम बात यह रही कि टीम ने दबाव की स्थिति में वापसी करने की अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर दूसरे हाफ में पिछड़ने के बावजूद जीत दर्ज करने के बाद दक्षिण कोरिया अब अपने बाकी ग्रुप ए मुकाबलों में नए आत्मविश्वास और नॉकआउट दौर में पहुंचने की मजबूत उम्मीदों के साथ उतरेगा।
