अब तक का सबसे बड़ा फीफा विश्व कप भारतीय समयानुसार गुरुवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार के टूर्नामेंट में पहले की किसी भी प्रतियोगिता की तुलना में अधिक टीमें, अधिक मैच और अधिक मेजबान देश शामिल होंगे। प्रतियोगिता का उद्घाटन मेक्सिको सिटी के ऐतिहासिक एस्तादियो एज़्टेका स्टेडियम में होगा और यह मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह दुनिया भर का ध्यान आकर्षित करने का वादा करता है।
इस वर्ष की प्रतियोगिता में 48 राष्ट्रीय टीमें, 3 मेजबान देश, 104 मैच और 39 दिनों का फुटबॉल शामिल होगा। जहां प्रशंसक मुकाबलों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक विवाद, कूटनीतिक तनाव और व्यवस्थागत चुनौतियां गेंद पर पहली किक लगने से पहले ही सुर्खियां बन चुकी हैं।
ऐतिहासिक टूर्नामेंट ने रचा नया इतिहास
उद्घाटन मैच में 11 जून को मेक्सिको का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा, जो 2010 विश्व कप के उद्घाटन मुकाबले की पुनरावृत्ति होगी। यह मैच एस्तादियो एज़्टेका में खेला जाएगा, जो इतिहास का पहला स्टेडियम बन जाएगा जहां तीन अलग-अलग विश्व कप टूर्नामेंटों में मैच आयोजित किए गए हैं।
प्रतियोगिता का समापन 19 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। विजेता टीम को रिकॉर्ड 5 करोड़ डॉलर (50 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि मिलेगी। हालांकि, हर विश्व कप की तरह इस टूर्नामेंट का महत्व केवल आर्थिक पुरस्कारों तक सीमित नहीं है।
फुटबॉल पर फिर पड़ा राजनीति का साया
विश्व कप अक्सर वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों का प्रतिबिंब रहे हैं और 2026 का संस्करण भी इससे अलग नहीं है। बेनिटो मुसोलिनी द्वारा 1934 विश्व कप का राजनीतिक उपयोग हो या फॉकलैंड युद्ध के बाद अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच तनाव, फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच अक्सर राजनीति से जुड़ता रहा है।
इस वर्ष अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने टूर्नामेंट आयोजकों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं। ईरान फुटबॉल महासंघ ने यात्रा प्रतिबंधों, सुरक्षा चिंताओं और वीजा संबंधी समस्याओं के कारण अपने मैच मेक्सिको में खेलने की संभावना पर विचार किया था।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने इस विचार का स्वागत किया। हालांकि, मार्च में टीम के प्रशिक्षण शिविर का दौरा करने के बाद फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने ईरान के मैच स्थानांतरित करने के किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इन्फैन्टिनो ने जोर देकर कहा कि फुटबॉल का उद्देश्य "लोगों को एकजुट करना" है।
वीजा और यात्रा संबंधी विवाद
इस सप्ताह ईरान से जुड़ी चिंताएं फिर सामने आईं, जब उसके फुटबॉल महासंघ ने आयोजकों पर ईरानी समर्थकों के लिए टिकट आवंटन सीमित करने का आरोप लगाया।
रिपोर्टों के अनुसार कई ईरानी अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों को वीजा नहीं मिल सका। इसके परिणामस्वरूप ईरान ने अपना प्रशिक्षण केंद्र मेक्सिको के तिजुआना शहर में स्थापित किया। इन कठिनाइयों का प्रभाव अन्य देशों पर भी पड़ा है।
बताया गया कि सोमालिया के रेफरी उमर आर्तन विश्व कप में भाग लेने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने का अवसर खो बैठे, क्योंकि आधिकारिक मान्यता होने के बावजूद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
वहीं, इराकी स्ट्राइकर अयमन हुसैन को भी देश में प्रवेश से पहले कई घंटों तक पूछताछ का सामना करना पड़ा। अन्य प्रतिनिधिमंडलों ने भी कड़ी सुरक्षा जांच और यात्रा निगरानी की शिकायत की है।
इन घटनाओं के बाद फीफा और टूर्नामेंट आयोजकों की आलोचना हुई है। हालांकि, न तो फीफा और न ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने सार्वजनिक रूप से अधिकांश चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी है।
तीन देश, तीन उद्घाटन समारोह
विश्व कप के इतिहास में पहली बार तीन देश—अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको—टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे। प्रत्येक मेजबान देश अपना अलग उद्घाटन समारोह आयोजित करेगा।
11 जून को मेक्सिको सिटी में होने वाले समारोह में शकीरा और बर्ना बॉय आधिकारिक विश्व कप एंथम "दाई दाई" प्रस्तुत करेंगे। अन्य कलाकारों में माना, जे बाल्विन, बेलिंडा और टायला शामिल हैं।
12 जून को टोरंटो में होने वाले समारोह में माइकल बुबले, एलानिस मॉरिसेट और एलेसिया कारा प्रस्तुति देंगे। वहीं लॉस एंजेलिस में आयोजित समारोह में केटी पेरी, फ्यूचर, लिसा और रेमा प्रदर्शन करेंगे। फाइनल मुकाबले के लिए क्रिस मार्टिन ने हाफटाइम शो तैयार किया है, जिसमें शकीरा, मैडोना और बीटीएस शामिल होंगे।
नया प्रारूप, नए अवसर
2026 का टूर्नामेंट विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ा प्रारूप परिवर्तन लेकर आया है। पहली बार 48 टीमें भाग लेंगी, जबकि 1998 से अब तक प्रतियोगिता 32 टीमों के प्रारूप में खेली जाती रही थी।
टीमों को 12 समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक समूह की शीर्ष दो टीमें सीधे नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। इनके साथ आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी अगले दौर में प्रवेश करेंगी। यह विस्तारित प्रारूप अधिक देशों को अवसर देगा और बड़े उलटफेरों की संभावना भी बढ़ाएगा।
क्या अर्जेंटीना खिताब बचा पाएगा?
मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना टूर्नामेंट की प्रमुख दावेदारों में से एक है। हालांकि सांख्यिकीय मॉडल पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं कि टीम अपने खिताब का बचाव कर पाएगी।ऑप्टा के अनुमान के अनुसार अर्जेंटीना के पास खिताब बरकरार रखने की संभावना 10 प्रतिशत से कुछ अधिक है।
भविष्यवाणियों में स्पेन 17 प्रतिशत संभावना के साथ सबसे आगे है, जबकि फ्रांस 14 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। फिर भी इतिहास बताता है कि विश्व कप अक्सर अप्रत्याशित कहानियां रचता है।
इतिहास बनाने को तैयार अंडरडॉग टीमें
इक्वाडोर दक्षिण अमेरिकी क्वालिफिकेशन में दूसरे स्थान पर रहने के बाद लगातार 19 मैचों से अजेय है।
जापान अपनी सामरिक अनुशासन और निरंतरता से प्रभावित कर रहा है।
वहीं नॉर्वे 28 वर्षों बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है, जिसकी अगुवाई स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड कर रहे हैं।
चार देश—कुरासाओ, केप वर्डे, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान—पहली बार विश्व कप में भाग लेंगे। उनकी यात्रा टूर्नामेंट की सबसे यादगार कहानियों में शामिल हो सकती है।
मेसी और रोनाल्डो पर टिकी नजरें
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी कहानियों में से एक फुटबॉल के दो महान खिलाड़ियों लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इर्द-गिर्द घूमती है। कई लोगों का मानना है कि यह दोनों सुपरस्टार्स का अंतिम विश्व कप हो सकता है।
38 वर्षीय मेसी मौजूदा विश्व चैंपियन के रूप में टूर्नामेंट में प्रवेश कर रहे हैं और कई विश्व कप रिकॉर्ड्स के करीब हैं। वहीं 41 वर्षीय रोनाल्डो अपने भविष्य को लेकर चर्चाओं के बावजूद पुर्तगाल की अगुवाई कर रहे हैं।
ड्रॉ के कारण 11 जुलाई को कैन्सस सिटी में क्वार्टर फाइनल में एक आखिरी मेसी बनाम रोनाल्डो मुकाबले की संभावना बनी हुई है। ऐसा मैच दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों को रोमांचित कर देगा।
फुटबॉल फिर बनेगा केंद्रबिंदु
मेसी और रोनाल्डो के अलावा किलियन एम्बाप्पे और लामिन यामाल जैसे सितारे भी इस प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करेंगे। जैसे-जैसे टूर्नामेंट शुरू होगा, आयोजकों को उम्मीद है कि फुटबॉल दुनिया भर में बढ़ते मतभेदों के बावजूद लोगों को एकजुट करने का काम करेगा।
जब एज़्टेका स्टेडियम में पहली सीटी बजेगी, तब कुछ समय के लिए राजनीति, भविष्यवाणियां और विवाद पीछे छूट जाएंगे। अगले 39 दिनों तक दुनिया की निगाहें सिर्फ खेल पर और फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उभरने वाली नई कहानियों पर टिकी रहेंगी।
