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लेबनान के राष्ट्रपति का ईरान को संदेश: ‘यह आपका देश नहीं है’
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान से लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने साथ ही हिजबुल्लाह से अपील की कि इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच वह टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाए।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान से लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने हिजबुल्लाह से भी इजरायल के साथ जारी संघर्ष में टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की।

शुक्रवार को प्रकाशित सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में औन ने तेहरान पर अमेरिका के साथ अपनी वार्ताओं में लेबनान का इस्तेमाल दबाव के साधन के रूप में करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “यह आपका देश नहीं है, यह हमारा देश है। हमारे देश के मामलों में हस्तक्षेप करना आपका काम नहीं है।”

औन ने हिजबुल्लाह से कूटनीति अपनाने की अपील की

औन ने कहा कि लेबनान इस संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई के जरिए नहीं कर सकता। उन्होंने हिजबुल्लाह से बातचीत की मेज पर आने और राजनीतिक समाधान तलाशने का आग्रह किया।

लेबनानी राष्ट्रपति के अनुसार, देश की सुरक्षा और संघर्ष समाप्त करने का एकमात्र रास्ता वार्ता है।

उन्होंने कहा, “हिजबुल्लाह को समझना होगा कि बैठकर बातचीत करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। इस समस्या का समाधान और जो कुछ बचा है उसे बचाने का कोई अन्य तरीका नहीं है, सिवाय बातचीत और कूटनीति के।”

ईरान ने दोहराया हिजबुल्लाह के प्रति समर्थन

औन की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब ईरान ने एक बार फिर हिजबुल्लाह के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।

तेहरान ने दक्षिणी लेबनान से इजरायल की वापसी की मांग भी दोहराई। यह मुद्दा अमेरिका और ईरान से जुड़े व्यापक कूटनीतिक प्रयासों में एक बड़ी बाधा बना हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम को वॉशिंगटन के साथ किसी भी भविष्य के समझौते से जोड़ दिया है। तेहरान व्यापक क्षेत्रीय समझौता और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए समुद्री व्यापार मार्गों को फिर से खोलने की मांग कर रहा है।

क्षेत्रीय संघर्ष ने बढ़ाई लड़ाई

ताजा संघर्ष मार्च में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के दो दिन बाद हुई। हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने तेहरान के समर्थन में संघर्ष में भाग लिया।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि लेबनान में जारी संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध से जुड़ा हुआ है। न्होंने अल मायादीन टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, “यह युद्ध तभी समाप्त होगा जब लेबनान में भी इसका अंत होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि इजरायली सेना को दक्षिणी लेबनान छोड़ना होगा। “लेबनान में युद्ध का अंत उन क्षेत्रों से इजरायली बलों की वापसी के साथ होना चाहिए, जिन पर उन्होंने कब्जा कर रखा है।”

हिजबुल्लाह ने अमेरिकी मध्यस्थता वाले समझौते को ठुकराया

ताजा घटनाक्रम हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम की टिप्पणियों के बाद सामने आया। कासिम ने इजरायल और लेबनानी सरकार के बीच लड़ाई रोकने के उद्देश्य से अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार किए गए समझौते को खारिज कर दिया।

हिजबुल्लाह ने इस समझौते का विरोध इसलिए किया क्योंकि इसमें दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी की शर्त शामिल नहीं थी। संगठन ने यह भी कहा कि वह इन वार्ताओं का हिस्सा नहीं था।

दक्षिणी लेबनान में जारी है संघर्ष

कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हिंसा जारी है। इजरायल ने अपने सैन्य अभियान को जारी रखा है और संकेत दिया है कि वह फिलहाल अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा और न ही अभियान रोकेगा।

इस बीच, हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने शुक्रवार को इजरायली सैनिकों के खिलाफ दो हमले किए। इनमें से एक हमला ब्यूफोर्ट कैसल के पास तैनात सैनिकों पर किया गया, जो हाल ही में इजरायल के कब्जे में आया एक रणनीतिक स्थल है। वहीं, लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों ने दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों में इजरायली हवाई हमलों की भी सूचना दी।

लगातार जारी हमले यह दिखाते हैं कि क्षेत्रीय तनाव के उच्च स्तर पर बने रहने के कारण कूटनीतिक प्रयासों के सामने गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं।