ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी को ज्यादा महत्व नहीं दिया, जिसमें उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से संभावित मुलाकात की बात कही थी। अल मायादीन को दिए एक साक्षात्कार में अराघची ने कहा कि लोगों को ऐसी टिप्पणियों को लेकर अटकलें लगाने के बजाय वास्तविकता के आधार पर देखना चाहिए।
अराघची ने कहा, “मैंने एक रिपोर्ट देखी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह मुलाकात के लिए तैयार हैं या मुलाकात करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि हमें यथार्थवादी होना चाहिए और वास्तविक दुनिया में रहकर सोचना चाहिए।”
अराघची ने मोजतबा खामेनेई की नेतृत्व भूमिका पर प्रकाश डाला
अराघची ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई की भूमिका पर भी चर्चा की। ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री ने कहा कि सुरक्षा कारणों से सुरक्षा एजेंसियों ने सर्वोच्च नेता की सार्वजनिक उपस्थिति को सीमित रखने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारी लगातार खामेनेई के संपर्क में हैं और राष्ट्रीय मुद्दों पर उनसे नियमित मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। अराघची ने कहा कि नए सर्वोच्च नेता देश की निर्णय-प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
“मोजतबा खामेनेई अब इस्लामी गणराज्य के नेता हैं और देश के घटनाक्रमों में उनकी बहुत करीबी और प्रभावशाली भूमिका है। उनके पास सभी मामलों का पूरा नियंत्रण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद ईरान की सत्ता संरचना में कोई बदलाव नहीं आया है। “शहीद नेता के प्रति जिस स्तर की आज्ञाकारिता और निष्ठा थी, वही अब क्रांति के नए नेता के प्रति भी पूरी तरह मौजूद है।”
ट्रंप ने कहा, मुलाकात के लिए तैयार हैं
अराघची की यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच किसी समझौते में मदद मिलती है तो वह मोजतबा खामेनेई से मिलने के लिए तैयार हैं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने इसे भविष्य के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा, “मैं मुलाकात करना नहीं चाहता, लेकिन अगर मुलाकात होती है तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी। मैं देखना चाहूंगा कि क्या हम कोई समझौता कर सकते हैं। यदि समझौता होता है, तो संभव है कि मैं उनसे मिलूं। मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं होगी।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऐसी मुलाकात का प्रस्ताव नहीं दिया था।
उन्होंने कहा, “मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सुना है। मैंने यह सुझाव नहीं दिया था, लेकिन कुछ लोगों ने इसका सुझाव दिया है। अगर ऐसा हुआ तो यह हो सकता है। मैं सम्मानजनक व्यवहार करूंगा। मैं कहूंगा कि शायद मैं उनका पसंदीदा व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन इसके बावजूद वह एक पेशेवर व्यक्ति हैं। कुछ हलकों में उनकी काफी अच्छी प्रतिष्ठा भी है।”
पिता की मौत के बाद बने सर्वोच्च नेता
मोजतबा खामेनेई मार्च में अपने पिता अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे। अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुई थी। उनकी मृत्यु को पिछले कई दशकों में ईरान के राजनीतिक नेतृत्व में सबसे बड़े बदलावों में से एक माना गया।
इस सत्ता परिवर्तन के साथ मोजतबा खामेनेई ऐसे समय में इस्लामी गणराज्य के प्रमुख बने, जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर था।
सर्वोच्च नेता के कार्यालय पर हुए हमले का किया जिक्र
साक्षात्कार के दौरान अराघची ने खुलासा किया कि जिस समय हमले में अली खामेनेई की मौत हुई, वह सर्वोच्च नेता के कार्यालय के अंदर मौजूद थे। हालांकि, हमले के समय वह भवन के दूसरे हिस्से में थे, जिसके कारण उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
उनकी टिप्पणी ने उस हमले से जुड़ी घटनाओं का एक दुर्लभ विवरण प्रस्तुत किया, जिसने ईरान के नेतृत्व को अचानक बदल दिया।
हमलों के बाद बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
अली खामेनेई की मौत वाले हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के कई सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इस बढ़ते टकराव ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर दिया तथा व्यापक संघर्ष को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
