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मॉस्को सुरक्षा मंच पर अजीत डोभाल ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर चिंता जताई
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को सुरक्षा मंच में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया और रूस के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी की पुनः पुष्टि की।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मॉस्को में आयोजित सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक के दौरान आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उठाईं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में वैश्विक सुरक्षा अधिकारियों को संबोधित किया, जहां बदलती बहुध्रुवीय दुनिया में सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की गई।

डोभाल ने भारत और रूस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी की भी पुनः पुष्टि की।

डोभाल ने उठाया पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा

अजीत डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले का उल्लेख किया, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। उन्होंने हमले की तत्काल निंदा करने और भारत का समर्थन करने के लिए रूसी सरकार का आभार व्यक्त किया। डोभाल ने विशेष रूप से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-रूस साझेदारी स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है। डोभाल ने यह भी आश्वासन दिया कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

आतंकवाद पर ‘दोहरा रवैया’ स्वीकार्य नहीं

डोभाल ने आतंकवादियों को समर्थन देने या उन्हें शरण देने वाले देशों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भू-राजनीतिक सुविधाओं से ऊपर उठकर सोचना होगा। देशों को स्पष्ट विकल्प चुनना चाहिए—या तो वे वैश्विक आतंकवाद-रोधी प्रयासों का सक्रिय समर्थन करें या फिर उन्हें आतंकवाद को प्रायोजित करने और आतंकियों को पनाह देने वालों के संरक्षक के रूप में पहचाना जाए।”

समुद्री सुरक्षा पर भी जताई चिंता

डोभाल ने वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों के सामने बढ़ते खतरों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य और लाल सागर क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का उल्लेख किया।

डोभाल के अनुसार, इन महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए देशों को मिलकर काम करना चाहिए, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत आएंगे पुतिन

शिखर सम्मेलन के इतर डोभाल ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें खुशी हुई है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से भारत का दौरा करेंगे।