राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी 1,597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट में पहलगाम आतंकी हमले को पाकिस्तान से जोड़ा है। एजेंसी ने कहा कि इस हमले की योजना, संचालन और नियंत्रण सीमा पार से किया गया था और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) पर इस हमले को अंजाम देने का आरोप लगाया।
चार्जशीट के अनुसार, साजित जट्ट ने हमले की योजना बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। NIA ने उसे इस ऑपरेशन का मास्टरमाइंड बताया और कहा कि उसने हमले में शामिल तीनों आतंकियों का मार्गदर्शन किया।
एजेंसी ने हमलावरों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और अबू हमजा के रूप में की।
NIA ने साजित जट्ट की भूमिका बताई
चार्जशीट में कहा गया कि साजित जट्ट ने आतंकियों की आवाजाही का समन्वय किया और ऑपरेशन के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्था की। इसमें यह भी दावा किया गया कि उसने निशाने तय किए और ड्रोन के जरिए जम्मू-कश्मीर में हथियारों तथा अन्य सामान की सप्लाई करवाई।
NIA के अनुसार, जट्ट ने आतंकियों को पाकिस्तान में बने फोन और हथियार उपलब्ध कराए। एजेंसी ने कहा कि पूरे ऑपरेशन की संरचना साफ तौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की ओर इशारा करती है।
चार्जशीट में NIA ने कहा, “संगठित कमांड ढांचा, सीमा पार एन्क्रिप्टेड समन्वय, हथियारों की सप्लाई और हैंडलर्स द्वारा दिए गए निर्देश इस बात में कोई संदेह नहीं छोड़ते कि यह हमला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी ऑपरेशन था, जिसे LeT/TRF ने अंजाम दिया।”
NIA ने यह भी दावा किया कि आतंकियों को बम बनाने के निर्देश TRF समर्थित एक टेलीग्राम चैनल के जरिए दिए गए थे।
पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत
22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हमला किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावरों ने हमले के दौरान खास तौर पर गैर-मुस्लिमों को निशाना बनाया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
तीनों आतंकियों के अलावा NIA ने दो स्थानीय निवासियों — परवेज अहमद जोथर और उनके चाचा बशीर अहमद जोथर — को भी आरोपी बनाया है। एजेंसी ने उन पर लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के रूप में काम करने और आतंकियों को शरण व सहायता देने का आरोप लगाया।
NIA ने टेलीग्राम अकाउंट्स को पाकिस्तान से जोड़ा
NIA ने हमले से जुड़े कई टेलीग्राम अकाउंट्स की भी जानकारी दी। टेलीग्राम से प्राप्त सूचना के अनुसार, ‘TheResistanceFront Official’ नामक चैनल कथित तौर पर @ShaalashaskaOcelot अकाउंट के जरिए संचालित किया जा रहा था, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रावलपिंडी से +92-329-5446118 मोबाइल नंबर पर रजिस्टर्ड था।
जांचकर्ताओं ने यह भी कहा कि TRF ने शुरुआत में पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में इससे इनकार कर दिया। NIA ने TRF का प्रचार और अपडेट फैलाने वाले एक टेलीग्राम बॉट को भी पाकिस्तान आधारित गतिविधियों से जोड़ा।
अमित शाह पहले ही पेश कर चुके थे सबूत
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद को बताया था कि सुरक्षा बलों ने तीन में से दो आतंकियों को मार गिराने के बाद उनके पास से पाकिस्तानी वोटर आईडी कार्ड बरामद किए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि आतंकियों से पाकिस्तान में बनी चॉकलेट्स और हथियार भी मिले थे।
सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2025 को श्रीनगर के पास तीनों आतंकियों को मार गिराया था। बाद में अमित शाह ने संसद में पुष्टि की कि यही आतंकी पहलगाम नरसंहार के जिम्मेदार थे।
अमित शाह ने कहा था, “जहां सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ए-कैटेगरी कमांडर था, वहीं अफगानी भी लश्कर-ए-तैयबा का ए-कैटेगरी आतंकी था और जिब्रान भी एक कुख्यात और वांछित आतंकी था। पहलगाम की बैसरन घाटी में हमारे नागरिकों की हत्या में शामिल तीनों आतंकियों को अब खत्म कर दिया गया है।”
