वॉशिंगटन राज्य में हुए विनाशकारी पेपर मिल विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। राहतकर्मियों ने विस्फोट स्थल से छह और शव बरामद किए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि क्षतिग्रस्त फैक्ट्री के भीतर अभी भी कम से कम तीन और शव फंसे हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दमकलकर्मियों का मानना है कि उन्होंने बाकी पीड़ितों के संभावित स्थानों की पहचान कर ली है, लेकिन अभी तक वहां सुरक्षित तरीके से पहुंच पाना संभव नहीं हो सका है।
इस त्रासदी को अब आधुनिक वॉशिंगटन राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में से एक बताया जा रहा है।
केमिकल टैंक में विस्फोट
यह विस्फोट मंगलवार को वॉशिंगटन के लॉन्गव्यू स्थित निप्पॉन डायनावेव पैकेजिंग प्लांट में हुआ। “व्हाइट लिकर” नामक रसायन से भरे लगभग 6 लाख गैलन क्षमता वाले एक विशाल टैंक में सुबह की शिफ्ट बदलने के दौरान धमाका हो गया। इस रसायन का इस्तेमाल लकड़ी के टुकड़ों को दूध और जूस के कार्टन बनाने वाली पैकेजिंग सामग्री में बदलने की प्रक्रिया में किया जाता है।
विस्फोट के कारण पूरे प्लांट में भारी तबाही मच गई और खतरनाक रसायनों का रिसाव भी शुरू हो गया।
शिफ्ट बदलने के दौरान फंसे कर्मचारी
लॉन्गव्यू फायर डिपार्टमेंट के बटालियन चीफ मैट एमोस ने बताया कि जिन कर्मचारियों की मौत हुई या जो लापता हुए, उनमें से कई लोग दिन के काम का आवंटन मिलने से पहले एक ही जगह पर मौजूद थे।
मौके पर तलाश अभियान चला रहे दमकलकर्मियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि तीन और शव अब भी खतरनाक क्षेत्र के भीतर होने की आशंका है।
धीमी गति से जारी राहत अभियान
क्षतिग्रस्त केमिकल टैंक के आसपास अस्थिर परिस्थितियों के कारण शव बरामदगी का अभियान धीमी गति से चल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि संरचनात्मक नुकसान, रसायनों के रिसाव और जहरीले पदार्थों से मिले हुए पानी की वजह से यह इलाका बेहद खतरनाक बना हुआ है।
राहतकर्मियों को साइट के भीतर प्रवेश करते समय पूरी सुरक्षा किट पहननी पड़ रही है। हर तलाशी अभियान के बाद उन्हें डी-कंटैमिनेशन प्रक्रिया और स्वास्थ्य जांच से भी गुजरना पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि जोखिम को देखते हुए बचाव दल दिन में सीमित बार ही विस्फोट क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं।
अधिकारियों ने साइट को बताया बेहद खतरनाक
लॉन्गव्यू फायर चीफ ब्रैड हैनिग ने स्वीकार किया कि लापता कर्मचारियों के परिवार जवाब मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि राहत दलों को तेजी और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना होगा।
हैनिग ने इस स्थल को “सक्रिय और अत्यंत खतरनाक वातावरण” बताया।
जांचकर्ताओं को विस्फोट के समय कर्मचारियों की सही लोकेशन पता लगाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मिल में निगरानी कैमरे लगे थे, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि कैमरा सिस्टम से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि रसायन रिसाव के समय सभी कर्मचारी कहां मौजूद थे।
क्षतिग्रस्त टैंक से अब भी हो रहा रिसाव
अधिकारियों ने बताया कि नष्ट हुआ केमिकल टैंक अब भी अस्थिर है और उससे खतरनाक पदार्थों का रिसाव जारी है। पेपर मिल की जटिल औद्योगिक संरचना ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया है। पूरे परिसर में पाइपलाइन, बिजली की लाइनें और रासायनिक सिस्टम फैले हुए हैं, जिससे खोज अभियान के दौरान ड्रोन का सुरक्षित संचालन भी मुश्किल हो रहा है।
राहतकर्मी बाकी पीड़ितों को खोजने और इस घातक विस्फोट के कारणों की जांच के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
