JUSZnews

NEWS WITHOUT INTERRUPTION

Subscribe
चीन के खिलाफ सख्त व्यापारिक सुरक्षा उपायों की तैयारी में EU
यूरोपीय संघ चीन के खिलाफ कड़े व्यापारिक कदमों की तैयारी कर रहा है, क्योंकि सस्ते आयात, बढ़ते व्यापार घाटे और यूरोप के प्रमुख उद्योगों पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।

यूरोपीय संघ (EU) शुक्रवार को चीन की कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के खिलाफ अपनी व्यापारिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बैठक करेगा। यूरोपीय नेता उन प्रमुख उद्योगों को सस्ते चीनी आयातों से बचाना चाहते हैं, जो वैश्विक बाजारों में तेजी से बढ़ रहे हैं।

2025 के व्यापार समझौते के जरिए अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव कम करने के बाद अब EU ने अपना ध्यान चीन की ओर केंद्रित कर दिया है।

यूरोप को “चाइना शॉक 2.0” का डर

विशेषज्ञों और कई सरकारों ने संभावित “चाइना शॉक 2.0” को लेकर चेतावनी दी है। उन्हें डर है कि कम कीमत वाले चीनी उत्पाद यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों के निर्माताओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यूरोपीय अधिकारी खासतौर पर चीन के साथ बढ़ते व्यापार असंतुलन को लेकर चिंतित हैं।

पिछले साल चीन के साथ EU का व्यापार घाटा लगभग 360 अरब यूरो (420 अरब डॉलर) तक पहुंच गया था। यूरोप में चीनी निर्यात, चीन को होने वाले यूरोपीय निर्यात से कहीं अधिक रहा।

EU ने रोजगार पर खतरे की चेतावनी दी

EU के उद्योग प्रमुख स्टीफन सेजॉर्ने ने कहा कि चीन ने वर्षों की सरकारी सहायता और असमान बाजार पहुंच के जरिए अपनी औद्योगिक ताकत बनाई है। ब्रुसेल्स में EU मंत्रियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “चीन का औद्योगिक प्रभुत्व कोई संयोग नहीं है। यह दशकों की सरकारी सब्सिडी और गैर-पारस्परिक बाजार पहुंच का परिणाम है।”

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि बढ़ते व्यापार घाटे की वजह से लगभग 2.9 करोड़ यूरोपीय नौकरियां गंभीर खतरे में पड़ सकती हैं। इसके लिए उन्होंने यूरोपीय सेंट्रल बैंक के आंकड़ों का हवाला दिया।

EU मजबूत कदमों की तैयारी में

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 2023 से “डी-रिस्क, नॉट डी-कपल” रणनीति पर काम कर रही हैं। इस नीति का उद्देश्य चीन पर यूरोप की निर्भरता कम करना है, जबकि व्यापारिक संबंध बनाए रखना भी शामिल है।

शुक्रवार को वॉन डेर लेयेन और अन्य EU आयुक्त यूरोपीय उद्योगों को ब्रुसेल्स द्वारा “अनुचित चीनी प्रतिस्पर्धा” कहे जाने वाले खतरे से बचाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

EU अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार भी करना चाहता है, खासकर रेयर अर्थ सामग्री के क्षेत्र में। फिलहाल इस क्षेत्र में चीन का वैश्विक दबदबा है। पिछले साल चीन द्वारा कड़े निर्यात नियंत्रण लगाए जाने के बाद यूरोप की चिंता और बढ़ गई थी। इस कदम ने चीनी आपूर्ति पर EU की भारी निर्भरता को उजागर कर दिया।

टैरिफ और व्यापारिक बाधाओं पर चर्चा

EU स्थानीय चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए नए नियम तैयार कर रहा है। अधिकारियों के अगले सप्ताह इन उपायों की घोषणा करने की उम्मीद है। वहीं फ्रांस, इटली, नीदरलैंड और स्पेन ने “अनुचित व्यापारिक गतिविधियों” के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

हालांकि जर्मनी अभी सतर्क रुख अपनाए हुए है। बर्लिन को डर है कि चीन के खिलाफ ज्यादा सख्त कदमों से जर्मन निर्यात, जैसे कार और औद्योगिक मशीनरी, प्रभावित हो सकते हैं।

फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, सेजॉर्ने ने कहा कि EU रसायन, धातु और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए टैरिफ और आयात कोटा बढ़ा सकता है। EU अधिकारी यह भी चर्चा कर रहे हैं कि व्यापार असंतुलन से निपटने के लिए क्या पूरी तरह नए व्यापारिक उपायों की जरूरत है।

चीन की कड़ी प्रतिक्रिया

चीन ने EU को सख्त व्यापारिक कदम उठाने के खिलाफ चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए “सभी आवश्यक कदम” उठाएगा।

लगातार बढ़ रहा व्यापारिक तनाव

EU ने हाल के वर्षों में चीनी उत्पादों के खिलाफ कई एंटी-सब्सिडी जांच शुरू की हैं। ब्रुसेल्स ने चीनी क्लीन टेक्नोलॉजी उत्पादों पर ऊंचे टैरिफ भी लगाए हैं। वहीं यूरोप में चीनी निवेशों की अब अधिक कड़ी जांच की जा रही है।

गुरुवार को EU ने चीनी ई-कॉमर्स कंपनी JD.com द्वारा जर्मन इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर Ceconomy के अधिग्रहण की बोली की जांच शुरू की। अधिकारियों को संदेह है कि इस सौदे को चीनी सरकारी सब्सिडी का लाभ मिला हो सकता है।