लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने इज़राइल के खिलाफ नए बयान दिए और मुस्लिम देशों को यहूदी राष्ट्र को मान्यता न देने की चेतावनी दी। उनका भाषण ऑनलाइन वायरल हुआ, जिसने अपने कड़े इज़राइल विरोधी और कट्टरपंथी संदेशों के कारण सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया।
भारतीय खुफिया एजेंसियां कसूरी को पहलगाम आतंकी हमले का कथित मास्टरमाइंड मानती हैं।
कसूरी ने मुस्लिम नेताओं को दी चेतावनी
अपने भाषण में कसूरी ने मुस्लिम देशों द्वारा इज़राइल के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया। सैफुल्लाह कसूरी ने कहा, “अगर वे यह सोचकर हस्ताक्षर करते हैं कि हमें भी इज़राइल के यहूदियों को स्वीकार कर लेना चाहिए, जबकि ऐसा कभी नहीं हो सकता, तो जो भी ऐसा करेगा — चाहे वह शासक हो, राजा हो या कोई और — जो भी इज़राइल को स्वीकार करेगा, वह बर्बाद हो जाएगा।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि मुस्लिम दुनिया कभी इज़राइल को मान्यता नहीं देगी। उन्होंने कहा, “मुस्लिम उम्माह के रूप में हमारा ईमान है कि हम किसी भी परिस्थिति में इज़राइल को मान्यता नहीं देंगे।”
कसूरी ने आगे इज़राइल को “गुंडा, आतंकवादी और दुनिया का सबसे बड़ा बदमाश” बताया।
During an Eid sermon, Saifullah Khalid Kasuri, deputy chief of the designated terrorist organization Lashkar-e-Taiba (LeT) and a U.S.-designated terrorist, issued a stark threat to Pakistan’s rulers and establishment. He warned that if they dared to accept or normalize relations… pic.twitter.com/5vr1K80bdR
— Ahmed pak 🇵🇰 (@Ahmedpak378456) May 27, 2026
अब्राहम अकॉर्ड्स विवाद के बाद आई टिप्पणी
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने को कहा था। पाकिस्तान ने अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि वह स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के बिना इज़राइल को मान्यता नहीं देगा।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी मुस्लिम बहुल देशों के अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने के सुझाव को खारिज कर दिया था।
कसूरी ने पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का किया जिक्र
भाषण के दौरान कसूरी ने कई बार पाकिस्तान की सैन्य ताकत और इस्लामी दुनिया में उसकी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने 2025 में हुए पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौते का जिक्र करते हुए दावा किया कि इससे पाकिस्तान रणनीतिक रूप से इज़राइल के और करीब पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से इज़राइल की दूरी 4,000 किलोमीटर थी। आज पाकिस्तान अपनी पूरी ताकत, तकनीक और दुश्मन को तबाह करने वाले संसाधनों के साथ इज़राइल से सिर्फ 400 किलोमीटर दूर मौजूद है।”
उन्होंने पाकिस्तान को “इस्लामी दुनिया का रक्षा नेता” और सऊदी अरब को उसका “आध्यात्मिक और वैचारिक नेता” बताया।
भारतीय खुफिया एजेंसियों की प्रतिक्रिया
भारतीय खुफिया अधिकारियों ने कहा कि कसूरी जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने और पाकिस्तान-सऊदी सहयोग को इज़राइल विरोधी नैरेटिव के जरिए पेश करने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान-सऊदी रक्षा समझौता व्यापक सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित है, न कि इज़राइल के खिलाफ किसी सैन्य तैनाती पर।
सूत्रों ने कहा, “यह समझौता व्यापक सुरक्षा सहयोग के लिए है, न कि इज़राइल से 400 किलोमीटर दूर आक्रामक सैन्य तैनाती के उद्देश्य से।”
