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वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार करने की अपील की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतभर के स्कूलों और कॉलेजों से अस्थायी ऑनलाइन कक्षाओं पर विचार करने की अपील की, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से पैदा हुए जारी ऊर्जा संकट से निपटने में देश की मदद हो सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत भर के शैक्षणिक संस्थानों से देश में बढ़ते ऊर्जा संकट से निपटने और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद के लिए अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाओं की ओर रुख करने की अपील की है।

उन्होंने सोमवार को वडोदरा में सरदारधाम हॉस्टल परिसर के उद्घाटन के दौरान यह अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को बड़ा वैश्विक संकट बताया

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पैदा हुई अस्थिरता को इस दशक के सबसे बड़े वैश्विक संकटों में से एक बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अगर कोविड महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया के युद्ध से पैदा हुई परिस्थितियां इस दशक के बड़े संकटों में से एक हैं।”

उन्होंने कहा, “जिस तरह हमने मिलकर कोविड की चुनौती को पार किया, उसी तरह हम इस संकट से भी जरूर बाहर निकलेंगे।”

ऑनलाइन कक्षाओं से ईंधन की खपत घट सकती है

प्रधानमंत्री ने कहा कि अस्थायी ऑनलाइन शिक्षा देशभर में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने में मदद कर सकती है। डिजिटल कक्षाओं की ओर बदलाव से स्कूल बसों, निजी वाहनों और छात्रों व कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सार्वजनिक परिवहन की दैनिक आवाजाही कम होगी।

सरकार का मानना है कि कम ईंधन खपत से भारत विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटा सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं।

वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों पर जोर

स्कूलों और कॉलेजों से की गई यह अपील उस समय आई है जब पीएम मोदी इससे पहले कंपनियों को जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर चुके हैं।

उन्होंने व्यवसायों से अनावश्यक यात्रा और ईंधन खपत कम करने के लिए वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देने की भी अपील की। सरकार के अनुसार ये कदम जारी वैश्विक संकट के दौरान आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जीवनशैली में बदलाव की भी अपील की

ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम के अलावा पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई अन्य अपीलें भी कीं।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे:

  • मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
  • जहां संभव हो कारपूलिंग अपनाएं
  • कुछ समय के लिए सोने की खरीद टाल दें
  • अनावश्यक आयात से बचें और स्थानीय उत्पादों का समर्थन करें

प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्यधिक सोना आयात भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डालता है।

प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

कुछ शिक्षा और प्रौद्योगिकी समूहों ने इस सुझाव का स्वागत किया और कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारत में डिजिटल ढांचा पहले ही विकसित हो चुका है। हालांकि विपक्षी नेताओं और कुछ शिक्षा विशेषज्ञों ने डिजिटल विभाजन को लेकर चिंता जताई।

आलोचकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों और स्थिर इंटरनेट सुविधा से वंचित परिवारों को ऑनलाइन शिक्षा लागू होने पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

अभी तक कोई राष्ट्रव्यापी आदेश नहीं

प्रधानमंत्री की अपील के बावजूद सरकार ने ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर अभी तक कोई अनिवार्य राष्ट्रव्यापी आदेश जारी नहीं किया है। हालांकि रिपोर्टों के अनुसार कई राज्य सरकारें और प्रमुख स्कूल बोर्ड इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं और संभावित लागू करने के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं।