लेबनानी नेताओं ने सोमवार को संयुक्त राज्य अमेरिका से अपील की कि वह इज़राइल पर दबाव डाले ताकि वह लेबनान पर अपने लगातार हमले रोक दे। यह अपील ऐसे समय आई जब इज़राइल-हिज़्बुल्लाह संघर्ष में युद्धविराम समझौते के बावजूद इज़राइली हवाई हमले देश के कई हिस्सों में जारी रहे।
हमलों में बढ़ता मौतों का आंकड़ा
लेबनानी अधिकारियों के अनुसार 2 मार्च से इज़राइली हमलों में मारे गए लोगों की संख्या अब 2,869 तक पहुंच गई है। इसमें वे दर्जनों लोग भी शामिल हैं जो 17 अप्रैल को आधिकारिक युद्धविराम लागू होने के बाद मारे गए।
वहीं इज़राइली सेना ने बताया कि सीमा के पास झड़पों के दौरान एक सैनिक की मौत हो गई। इज़राइल के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 18 सैनिक और एक नागरिक ठेकेदार की मौत हो चुकी है।
लेबनानी नेताओं की अमेरिकी राजदूत से मुलाकात
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस सप्ताह वॉशिंगटन में होने वाली लेबनान और इज़राइल के प्रतिनिधियों की संभावित बैठक से पहले अमेरिकी राजदूत मिशेल ईसा से अलग-अलग मुलाकात की।
इस दौरान सलाम ने कहा कि उन्होंने अमेरिका से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने ईसा से “इज़राइल पर दबाव डालने और जारी हमलों व उल्लंघनों को रोकने” का अनुरोध किया ताकि युद्धविराम को मजबूत किया जा सके।
बेरूत के पास इज़राइली हमले तेज
इज़राइल ने हाल के दिनों में लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। सप्ताहांत में हुए हमले बेरूत से लगभग 20 किलोमीटर दूर क्षेत्रों तक पहुंचे। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार सोमवार को दक्षिण और पूर्वी लेबनान के 30 से अधिक स्थानों पर इज़राइली हवाई हमले किए गए।
एजेंसी ने कई क्षेत्रों में हताहतों की भी जानकारी दी। दक्षिणी शहर ज़ेबडीन में, NNA ने बताया कि एक इज़राइली ड्रोन ने नगरपालिका वाहन के जरिए रोटी बांट रहे दो लोगों को निशाना बनाया, जो उन निवासियों के लिए था जिन्होंने शहर खाली करने से इनकार कर दिया था।
इज़राइल ने सैन्य कार्रवाई का बचाव किया
वॉशिंगटन द्वारा घोषित युद्धविराम शर्तों के तहत इज़राइल का कहना है कि उसे “योजनाबद्ध, संभावित या जारी हमलों” के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार है। इज़राइली सेना ने हमले करने से पहले दक्षिणी लेबनान और बेका क्षेत्र के दो शहरों के लिए निकासी चेतावनी भी जारी की।
सैकड़ों परिवारों का पलायन
NNA ने बताया कि वेस्ट बेका में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है, जहां सैकड़ों परिवार खतरे वाले इलाकों से भाग गए। लेबनानी अधिकारियों का अनुमान है कि अब तक इस युद्ध के कारण 10 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
हिज़्बुल्लाह के जवाबी हमले
हिज़्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सैन्य ठिकानों पर कम से कम 20 हमलों की जिम्मेदारी ली है। समूह ने कहा कि ये हमले इज़राइल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन का जवाब हैं। हिज़्बुल्लाह ने यह भी दावा किया कि उसने इज़राइली सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बुलडोज़र उपकरणों को निशाना बनाया।
इज़राइली सेना ने कहा कि हिज़्बुल्लाह के दो ड्रोन ने दक्षिणी लेबनान में बिना चालक वाले इंजीनियरिंग वाहनों को नुकसान पहुंचाया। उसने यह भी दावा किया कि इज़राइली सैनिकों ने क्षेत्र में सक्रिय एक उग्रवादी सेल को खत्म कर दिया है।
क्षेत्रीय तनाव से बढ़ा संघर्ष
हिज़्बुल्लाह ने 2 मार्च को इज़राइल पर रॉकेट दागकर व्यापक मध्य पूर्व संघर्ष में प्रवेश किया। समूह ने कहा कि ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या का बदला लेने के लिए किए गए थे, जो कथित तौर पर अमेरिका-इज़राइल हमलों में हुई थी।
इसके बाद इज़राइल ने भारी हवाई हमलों और लेबनान के अंदर जमीनी कार्रवाई शुरू की। इज़राइली सेना वर्तमान में सीमा से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में एक स्वघोषित “येलो लाइन” क्षेत्र के भीतर सक्रिय है और स्थानीय लोगों को वहां लौटने से मना किया गया है।
लेबनानी प्रधानमंत्री ने कहा—कई गांव कब्जे में
सऊदी अरब के अल अरबिया चैनल को दिए एक इंटरव्यू में सलाम ने कहा कि लेबनान अब कई सीमावर्ती क्षेत्रों में कब्जे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश “68 लेबनानी गांवों के कब्जे का सामना कर रहा है, जो हम पर थोपे गए इस युद्ध का परिणाम है।”
