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सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को अगला CDS और वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को नौसेना प्रमुख नियुक्त किया
भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि को अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है। यह भारतीय सशस्त्र बलों में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है।

सरकार ने शनिवार को एनएस राजा सुब्रमणि को भारत का अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की।

दोनों नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना 9 मई की सुबह जारी की गई। सुब्रमणि 30 मई को अनिल चौहान की जगह CDS का पद संभालेंगे। वहीं, स्वामीनाथन 31 मई को दिनेश के त्रिपाठी की जगह नौसेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि?

सुब्रमणि सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। 31 जुलाई 2025 को सेवानिवृत्त होने से पहले उन्होंने लगभग 39 वर्षों का शानदार सैन्य करियर पूरा किया। पिछले वर्ष अगस्त में सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का सैन्य सलाहकार नियुक्त किया था।

नेशनल डिफेंस अकादमी और इंडियन मिलिट्री अकादमी के पूर्व छात्र सुब्रमणि को दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था। वह पहले लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं।

भारतीय सेना ने पहले कहा था कि सुब्रमणि के पास “पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशनल परिस्थितियों की गहरी समझ और व्यापक ज्ञान” है। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज में भी अध्ययन किया है।

इसके अलावा, उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज़ में एमफिल की डिग्री है।

सुब्रमणि ऐसे समय CDS का पद संभालेंगे जब रक्षा मंत्रालय थिएटर कमांड पुनर्गठन सहित बड़े सैन्य सुधारों को आगे बढ़ा रहा है। पिछले वर्ष सरकार ने जनरल चौहान का कार्यकाल आठ महीने बढ़ा दिया था।

वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन के बारे में

वाइस एडमिरल स्वामीनाथन पहले नौसेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Naval Staff) रह चुके हैं और वर्तमान में मुंबई स्थित पश्चिमी नौसैनिक कमान का नेतृत्व कर रहे हैं।

उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी, यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, करंजा स्थित कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के रोड आइलैंड स्थित यूनाइटेड स्टेट्स नेवल वॉर कॉलेज में अध्ययन किया है।

स्वामीनाथन 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। वह संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ माने जाते हैं।

अपने लंबे नौसैनिक करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जिनमें चीफ ऑफ पर्सोनल, कंट्रोलर ऑफ पर्सोनल सर्विसेज और पश्चिमी नौसैनिक कमान के चीफ ऑफ स्टाफ शामिल हैं।

उन्होंने कई प्रमुख नौसैनिक प्लेटफॉर्म की कमान भी संभाली, जिनमें मिसाइल पोत INS विद्युत और INS विनाश, मिसाइल कॉर्वेट INS कुलिश, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS मैसूर और विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य शामिल हैं।

रियर एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद स्वामीनाथन ने कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसैनिक कमान में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) के रूप में भी कार्य किया।

उन्होंने नौसैनिक प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई और भारतीय नौसेना सुरक्षा दल (Indian Naval Safety Team) की स्थापना में भी योगदान दिया, जो नौसेना की सभी शाखाओं में ऑपरेशनल सुरक्षा की निगरानी करता है।