पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ने दावा किया कि चुनाव परिणाम जनता की वास्तविक राय का प्रतिबिंब नहीं, बल्कि एक “साजिश” का नतीजा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए। उन्होंने बीजेपी पर हस्तक्षेप का आरोप लगाया और कहा कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया गया।
ममता ने कहा, “मेरे इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हमें जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश के जरिए हराया गया है।”
मतदान प्रक्रिया पर निष्पक्षता को लेकर आरोप
ममता ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया से समझौता किया गया। उनका कहना था कि मतदान के दौरान दबाव और बल का इस्तेमाल हुआ, जिससे नतीजे प्रभावित हुए।
हार के बावजूद उन्होंने अपनी पार्टी के भविष्य को लेकर भरोसा जताया। विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “हमने बाघों की तरह लड़ाई लड़ी और हम वापसी करेंगे, लेकिन सरकार का यह सीधा हस्तक्षेप बेहद चिंताजनक है।”
चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
टीएमसी प्रमुख ने चुनाव आयोग (ईसीआई) को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है, हालांकि उन्होंने कोई विशेष जानकारी साझा नहीं की।
उन्होंने कहा, “हम कार्रवाई कर रहे हैं, हम जवाब देंगे। लेकिन हमारी रणनीति गोपनीय है, हम इसका खुलासा नहीं करेंगे। चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, लेकिन अभी तय नहीं किया है कि क्या कदम उठाए जाएंगे।”
पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव का दावा
ममता ने आरोप लगाया कि डर और धमकियों के कारण टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होती है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, “अगर मेरी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी सुरक्षा के लिए बीजेपी में शामिल होते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है,” और जमीनी स्तर पर कथित डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन के नेताओं का जताया आभार
ममता ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं के समर्थन को भी स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं के फोन आए।
ममता ने कहा, “मैं इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं की आभारी हूं। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, हेमंत सोरेन, तेजस्वी यादव और अन्य नेताओं ने मुझे फोन किया। अखिलेश कल मुझसे मिलने आएंगे। अब मेरा लक्ष्य साफ है। मैं एक आजाद पंछी हूं। मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मैं इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ क्या करूंगी।”
बीजेपी को दी चेतावनी
ममता ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक सत्ता हमेशा स्थायी नहीं रहती। उन्होंने अपने तर्क को मजबूत करने के लिए पिछली सरकारों का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारें देखी हैं, लेकिन इस तरह के “अत्याचार” कभी नहीं देखे।
राजनीतिक लड़ाई जारी रखने का संकेत
ममता बनर्जी ने साफ कर दिया कि यह हार टीएमसी की राजनीतिक लड़ाई का अंत नहीं है। इसके बजाय उन्होंने बीजेपी और उन संस्थाओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकेत दिया, जिन पर उन्होंने पक्षपात का आरोप लगाया है। इससे पश्चिम बंगाल में लंबे राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि तैयार होती दिख रही है।
