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ट्रंप ने नई UFO फाइलें जारी करने का ऐलान किया, संदेह और उत्सुकता बढ़ी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई UFO फाइलें जारी करने की योजना ने दुनियाभर में फिर से जिज्ञासा बढ़ा दी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन खुलासों में एलियन जीवन के सबूत मिलने की संभावना कम है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पेंटागन UFO से जुड़ी पहले गोपनीय रखी गई फाइलों का एक नया सेट जारी करने की तैयारी कर रहा है। अब UFO को आधिकारिक तौर पर “अनआइडेंटिफाइड एरियल फिनॉमिना” (UAP) कहा जाता है।

इस कदम ने एक बार फिर एलियन जीवन की संभावना को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, हालांकि विशेषज्ञों ने इस पर संदेह भी जताया है। यह घोषणा उस निर्देश के बाद आई है, जो ट्रंप ने फरवरी में जारी किया था। इसमें संघीय एजेंसियों से UFO देखे जाने और संभावित एलियन-संबंधित सामग्री से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने को कहा गया था।

नासा अंतरिक्ष यात्रियों के सम्मान में आयोजित व्हाइट हाउस कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, “हम बहुत सी ऐसी चीजें जारी करने जा रहे हैं जो पहले नहीं की गईं। मुझे लगता है कि उनमें से कुछ लोगों के लिए बेहद दिलचस्प होंगी।”

पारदर्शिता पर जोर

ट्रंप ने इस कदम को पारदर्शिता बढ़ाने के व्यापक अभियान का हिस्सा बताया है। दोबारा सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने खुद को ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो लंबे समय से छिपाए गए सरकारी रहस्यों को सार्वजनिक करने के लिए तैयार है।

इससे पहले उन्होंने जॉन एफ. कैनेडी, रॉबर्ट एफ. कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से जुड़ी फाइलें जारी करने का आदेश दिया था। हालांकि उन खुलासों में ज्यादातर वही जानकारी सामने आई जो पहले से सार्वजनिक थी।

अब वह इसी नीति को UFO रिकॉर्ड पर लागू कर रहे हैं। उनका कहना है कि “अमेरिकी जनता पारदर्शिता और सच्चाई की हकदार है।” अप्रैल में फीनिक्स में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि दस्तावेजों का पहला सेट “बहुत, बहुत जल्द” जारी किया जाएगा।

विशेषज्ञों ने बरतने को कहा सावधानी

बढ़ती उम्मीदों के बावजूद विशेषज्ञों ने बड़े खुलासों की उम्मीद न करने की सलाह दी है। पेंटागन कई वर्षों से UFO से जुड़ी सामग्री की समीक्षा और आंशिक सार्वजनिक रिलीज करता रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण कई जानकारियां रोकी भी गई हैं।

2022 में अमेरिकी कांग्रेस ने ऐसे मामलों की जांच के लिए “ऑल-डोमेन एनोमली रिजॉल्यूशन ऑफिस” का गठन किया था। उसकी 2024 की रिपोर्ट में सैकड़ों घटनाओं का जिक्र किया गया, लेकिन एलियन तकनीक का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। जल्द ही एक और रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

इस कार्यालय के पूर्व प्रमुख सीन किर्कपैट्रिक ने गुप्त बड़े खुलासों की उम्मीदों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी गुप्त दस्तावेज का कोई प्रमाण नहीं है, जिसमें एलियन प्राणियों से संपर्क का उल्लेख हो।

उन्होंने कहा, “लोगों को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं पालनी चाहिए।” उनका कहना था कि वायरल वीडियो में दिखने वाली कई चीजें उन्नत इमेजिंग सिस्टम की वजह से पैदा हुए दृश्य भ्रम हो सकते हैं।

राजनीतिक दबाव बढ़ा

यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में भी तेजी से उभर रहा है। ट्रंप के करीबी कुछ रिपब्लिकन सांसदों का मानना है कि पेंटागन महत्वपूर्ण जानकारी छिपा रहा है।

“टास्क फोर्स ऑन द डी-क्लासिफिकेशन ऑफ फेडरल सीक्रेट्स” नामक संसदीय पैनल अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास देखे गए अज्ञात विमानों की रिपोर्ट की जांच कर रहा है। सांसदों का कहना है कि ये वस्तुएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।

फ्लोरिडा की प्रतिनिधि एना पॉलिना लूना इस मुद्दे पर खास तौर पर मुखर रही हैं। उन्होंने पेंटागन की पारदर्शिता को “पर्याप्त से कम” बताया और व्हिसलब्लोअर्स द्वारा पहचाने गए कई यूएपी वीडियो जारी करने की मांग की।

प्रत्यक्षदर्शियों के दावे

सुनवाई के दौरान सैन्य अधिकारियों ने असामान्य घटनाओं का जिक्र किया। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि उन्होंने समुद्र से निकलती हुई “टिक-टैक” आकार की चमकदार वस्तु देखी, जो बेहद तेज गति से गायब हो गई।

ट्रंप की घोषणा के बाद ऐसे दावों को और बल मिला है, हालांकि अब तक किसी आधिकारिक पुष्टि में एलियन मूल का समर्थन नहीं किया गया है।

नेतृत्व के भीतर अलग-अलग राय

खुद ट्रंप भी एलियन जीवन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखते। फीनिक्स में उन्होंने कहा, “मुझे लगा यह भीड़ इसके लिए सही है क्योंकि आप लोग इसमें काफी दिलचस्पी रखते हैं। मुझे नहीं पता कि मैं इतना दिलचस्पी रखता हूं या नहीं।”

वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने इस विषय में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने खुद को UFO फाइलों को लेकर “जुनूनी” बताया और एरिया 51 की जांच करने की इच्छा जताई।वांस ने एक अलग राय भी दी। उनका कहना था कि कुछ घटनाएं एलियन प्राणियों की बजाय “आध्यात्मिक दानवों” से जुड़ी हो सकती हैं।

UFO को लेकर पुरानी जिज्ञासा

UFO को लेकर अमेरिकी नेताओं की दिलचस्पी नई नहीं है। पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जिमी कार्टर और रोनाल्ड रीगन भी इस विषय में जिज्ञासा दिखा चुके हैं। क्लिंटन ने तो रोसवेल घटना की समीक्षा का आदेश भी दिया था, जिसे बाद में मौसम संबंधी गुब्बारे के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना बताया गया।

अमेरिकी सरकार 1940 के दशक से UFO देखे जाने की घटनाओं का अध्ययन कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी विदेशी उन्नत तकनीक से जुड़ी हैं या किसी अज्ञात घटना से।

जनता में लगातार उत्सुकता

यह विषय राजनीति और लोकप्रिय संस्कृति दोनों में बेहद लोकप्रिय बना हुआ है। स्टीवन स्पीलबर्ग की नई फिल्म “डिस्क्लोजर डे” ने भी इस चर्चा को और बढ़ा दिया है।

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी इस साल की शुरुआत में बहस छेड़ दी थी। उन्होंने कहा था कि भले ही उन्हें कोई सबूत नहीं मिला हो, लेकिन “यह संभावना अच्छी है कि कहीं न कहीं जीवन मौजूद हो।”

उम्मीदें बनाम हकीकत

UFO में रुचि रखने वाले लोगों के बीच ट्रंप के वादे ने उत्साह और संदेह दोनों पैदा किए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि नए खुलासे छिपी हुई सच्चाई सामने ला सकते हैं, जबकि अन्य को उम्मीद है कि ज्यादा नई जानकारी नहीं मिलेगी।

इतिहासकार ग्रेग एगिगियन का कहना है कि चाहे जो भी जारी किया जाए, निराशा होना लगभग तय है।

उन्होंने कहा, “कट्टर विश्वास रखने वाले कई लोगों के लिए शायद कोई भी चीज संतोषजनक नहीं होगी। इसलिए किसी न किसी रूप में निराशा लगभग तय मानी जा सकती है, चाहे जो भी सामने आए।”