JUSZnews

NEWS WITHOUT INTERRUPTION

Subscribe
जयशंकर ने कैरेबियाई दौरे की शुरुआत की, ग्लोबल साउथ में भारत की पहुंच मजबूत करने पर जोर
एस जयशंकर के नौ दिवसीय कैरेबियाई दौरे का उद्देश्य ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करना, सहयोग का विस्तार करना और ग्लोबल साउथ में भारत की पहुंच को और गहरा करना है।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कैरेबियाई देशों के नौ दिवसीय दौरे की शुरुआत जमैका से की है। इसके बाद वे सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे।यह यात्रा 2 मई से 10 मई तक चलेगी। इसका उद्देश्य क्षेत्र के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को मजबूत करना और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना है। यात्रा के दौरान जयशंकर ने ज्यूरिख में संक्षिप्त ठहराव भी किया।

साझा इतिहास और प्रवासी समुदाय पर फोकस

इस यात्रा का एक प्रमुख केंद्र भारत और कैरेबियाई देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध है। इन देशों में भारतीय मूल के गिरमिटिया श्रमिकों के वंशजों की बड़ी आबादी रहती है। भारत इस संबंध को और मजबूत करना चाहता है। इसके तहत सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग का भी विस्तार करने की योजना है।

उच्च स्तरीय वार्ताओं में प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा

दौरे के दौरान जयशंकर क्षेत्र के नेताओं के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। इन वार्ताओं में व्यापार, ऊर्जा सहयोग और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारत कैरेबियन कम्युनिटी (CARICOM) के साथ हालिया जुड़ाव को भी आगे बढ़ाना चाहता है, जो क्षेत्र में राजनीतिक गति बनाए रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

व्यापार और जन-संपर्क संबंधों को बढ़ावा

यह यात्रा व्यापार और सामुदायिक संबंधों को भी उजागर करेगी। जयशंकर निवेश को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक नेताओं से मुलाकात करेंगे और साथ ही भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।

इस पहल का उद्देश्य आर्थिक और लोगों के बीच संपर्क दोनों को मजबूत करना है।

रणनीतिक समय और वैश्विक फोकस

इस यात्रा का समय भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत जल्द ही BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। यह दौरा ग्लोबल साउथ में साझेदारियों को मजबूत करने की भारत की मंशा को दर्शाता है।

इस दौरान जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में भारत खुद को एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है, खासकर “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” की अपनी भूमिका के जरिए।