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समय सीमा समाप्त होने से पहले ट्रंप ने ईरान पर बार-बार युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया
ट्रंप ने ईरान पर बार-बार युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाया, जिससे शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव तेज हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ईरान ने कई बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह दावा उस समय किया जब संघर्ष विराम समझौता समाप्त होने वाला है। उनका बयान ऐसे वक्त आया जब अमेरिका की एक टीम ईरान के साथ एक और दौर की शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रही थी।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, “ईरान ने कई बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है!”

इस्लामाबाद में शांति वार्ता की उम्मीद

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि जल्द ही इस्लामाबाद पहुंचेंगे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व कर सकते हैं। उनके बुधवार सुबह पाकिस्तान की राजधानी पहुंचने की संभावना है।

हालांकि, स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। ईरानी सरकारी टीवी ने कहा कि अब तक कोई भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है।

ट्रंप के विरोधाभासी संकेत

ट्रंप ने संघर्ष के भविष्य को लेकर मिश्रित संकेत दिए हैं। एक ओर उन्होंने कहा कि उन्हें युद्ध समाप्त करने की कोई जल्दी नहीं है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत आगे बढ़ेगी।

इस विरोधाभास के कारण यह अनिश्चितता बनी हुई है कि वार्ता का दूसरा दौर वास्तव में होगा या नहीं। इस बीच, मौजूदा युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है।

गतिरोध जारी, कड़ी चेतावनियां

दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो गंभीर सैन्य कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर समयसीमा से पहले बातचीत विफल होती है, तो “कई बम गिरने शुरू हो सकते हैं।”

इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया। उसके मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने कहा कि देश आगे बढ़ते तनाव के लिए तैयार है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम धमकियों की छाया में बातचीत स्वीकार नहीं करते,” और जोड़ा कि ईरान “जंग के मैदान में नए पत्ते खोलने” के लिए तैयार है।

युद्धविराम बढ़ाने की संभावना

तनाव के बावजूद कूटनीति की उम्मीद अभी भी बनी हुई है। यदि दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत होते हैं, तो युद्धविराम बढ़ाया जा सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। हालांकि, ईरान ने अभी तक आधिकारिक रूप से अपनी टीम की पुष्टि नहीं की है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बना प्रमुख मुद्दा

संघर्ष का एक बड़ा मुद्दा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य है। अमेरिका ने तेहरान पर दबाव बनाने के लिए ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लगा दी है। वॉशिंगटन चाहता है कि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना नियंत्रण कम करे।

यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया का लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। संघर्ष शुरू होने से पहले यह मार्ग सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला था। ट्रंप ने मांग की है कि जहाजों को फिर से इस मार्ग से स्वतंत्र रूप से गुजरने दिया जाए।

संकट के बीच तेल की कीमतों में उछाल

इस जलमार्ग पर ईरान के कड़े नियंत्रण का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा है। आपूर्ति को लेकर चिंताओं के कारण कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल मंगलवार को लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह 28 फरवरी के बाद 30% से अधिक की बढ़ोतरी दर्शाता है, जब अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद युद्ध शुरू हुआ था।